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एशेज सीरीज : इन कारणों के चलते ऑस्ट्रेलिया से हारी इंग्लैंड

बर्मिंघम: इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दो विकेट से जीत हासिल की। टीम ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 281 के टारगेट का पीछा किया। फिर तेजी से विकेट गिरता देख ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने अपने प्लान में थोड़ा बदलाव किया और पार्ट टाइम स्पिनर जो रूट पर अटैक करते हुए दो छक्के मारे।

अगले ही ओवर में इंग्लैंड के पास नौवां विकेट झटकने और कंगारुओं को बैकफुट पर धकेलना का सुनहरा अवसर था। फैन्स इंग्लैंड की इस हार का ठीकरा बाजबॉल, ओवर कॉन्फिडेंस जैसी चीजों पर फोड़ रहे हैं, बेन स्टोक्स से छूटे उस कैच का जिक्र कम ही लोग कर रहे, जिससे मैच इंग्लैंड की पहुंच से और दूर होता चला गया। ये वो वक्त था, जब नए बल्लेबाज नाथन लियोन क्रीज पर पहुंचे ही थे। पैट कमिंस के साथ मिलकर उन्होंने जीत की शुरुआत नहीं की थी।

तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की दूसरी ही बॉल पर लियोन बाल-बाल बचे। स्टोक्स ने स्क्वैयर लेग पर हवा में उड़ते हुए अपना सबकुछ झोक दिया। एक हाथ से की गई यह कोशिश सफल होती तो इसे कैच ऑफ द एशेज भी कहा जा सकता था। एक रन के स्कोर पर लियोन को जीवनदान मिला था। ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 37 रन चाहिए थे।

मैच खत्म होते-होते नाथन लियोन ने 28 गेंदों में 16 रन बनाए, कप्तान पैट कमिंस 22 रन पर ही खेल रहे थे, जिन्होंने 44 रन की नाबाद पारी खेली। इस हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने बोला, ‘इस मैच को हम कभी नहीं भूलेंगे। उम्मीद है कि हम अगले चार मैचों में भी एशेज के चाहने वालों को इसी तरह इंटरटेन करेंगे।

मैच में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद हारने पर इंग्लैंड की आलोचना हो रही है। लोग बाजबॉल का मजाक उड़ा रहे हैं। कुछ लोग यह भी बोलने से नहीं चूक रहे कि इंग्लैंड को उसके ओवरकॉन्फिेडेंस ने हराया।

पहले ही दिन पारी घोषित करने के सवाल पर स्टोक्स कहते हैं, ‘मैंने इसे ऑस्ट्रेलिया पर झपटा मारने की तरह देखा क्योंकि कोई भी बल्लेबाज दिन के अंत में 20 मिनट के लिए बाहर जाना पसंद नहीं करता है और मुझे यह दो विकेट लेने का अवसर महसूस हुआ।