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200 मीटर की दौड़ में 106 साल की दादी ने दर्ज की जीत

देहरादून : दून में दो सौ मीटर के ट्रैक पर हरियाणा की 106 वर्षीय उड़नपरी दादी के नाम से मशहूर रामबाई को दौड़ता हुआ देख हर कोई आश्चर्यचकित रह गया। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कई मेडल जीत चुकी हैं। एक जनवरी 1917 को हरियाणा के चरखी दादरी के कादमा गांव में जन्मीं रामबाई दून में युवरानी महेंद्र कुमारी राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने पहुंचीं हैं।

इसके अलावा गोला फेंक में भी वो अव्वल रहीं। रामबाई ने बताया कि उनका लक्ष्य देश के लिए मेडल लाना है। 70-80 की उम्र के बाद लोग अक्सर बिस्तर पकड़ लेते हैं, लेकिन रामबाई 106 की उम्र में भी खेल के मैदान में उतरकर सभी को प्रेरणा दे रही हैं।

उनकी 70 वर्षीय बेटी संतरा देवी और 42 वर्षीय नातिन शर्मिला सांगवान भी साथ आईं। तीन पीढ़ियों का एक साथ मैदान पर उतरना हर किसी को अचंभित कर रहा है। रामबाई ने दून में दो सौ मीटर की दौड़ में भाग लिया। करीब दो मिनट में यह रेस पूरी करके उन्होंने पहला स्थान हासिल किया।

रामबाई ने 100 मीटर रेस 45.40 सेकेंड में पूरी करके रिकॉर्ड बनाया था। राष्ट्रीय ओपन मास्टर्स एथलेटिक्स में उन्होंने यह कीर्तिमान स्थापित किया। इसके अलावा भी वो पूरे देश में कई स्पर्धाओं में मेडल जीत चुकी हैं। रामबाई को इसकी प्रेरणा नातिन शर्मिला से मिली। शर्मिला राष्ट्रीय स्तर की एथलीट हैं।

रामबाई ने 2020-21 में एथलेटिक्स में कदम रखा। तब उनकी उम्र 104 थी। तब से हर महीने वो किसी न किसी स्पर्धा में हिस्सेदारी कर रही हैं। रामबाई ने बताया कि व्यवस्थित दिनचर्या ही फिटनेस का राज है। वो सुबह चार बजे उठती हैं। खेतों में काम करने के साथ सुबह तीन से चार किमी पैदल चलती हैं।

उन्होंने बताया कि सुबह नाश्ते संग आधा लीटर दूध और फल डाइट में शामिल है। दोपहर हल्का भोजन करने के बाद रात को भी आधा लीटर दूध पीती हैं और रोटी, सब्जी खाती हैं। रात को नौ बजे सोना, सुबह जल्दी उठना दिनचर्या का हिस्सा है।