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सैफ चैंपियनशिप : लेबनान को हारकर भारत फाइनल में


नई दिल्ली : लेबनान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मात देकर भारतीय फुटबॉल टीम ने सैफ चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली। चार जुलाई को फाइनल में मेजबान टीम का मैच कुवैत से होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 1-0 से हराया। भारतीय टीम ने लगातार सैफ चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई।

श्री कांतीरवा स्टेडियम पर उत्साही दर्शकों के बीच कोई टीम निर्धारित टाइम में गोल नहीं कर सकी, जिसके कारण मैच में 30 अतिरिक्त मिनट जोड़े गए। अतिरिक्त टाइम में सुनील छेत्री और उदांता सिंह गोल करने के करीब आए, उनके प्रयास असफल होने के कारण विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

शूटआउट में भारत के लिए कप्तान छेत्री, अनवर अली, महेश सिंह और उदांता ने गोल किए, जबकि लेबनान की ओर से वलीद शोर और मोहम्मद सादिक ही गोल कर सके। भारत और लेबनान निर्धारित समय के बाद एक्स्ट्रा टाइम में भी गोल नहीं कर सकीं जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट से फैसला हुआ। शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम के लिए करिश्माई स्ट्राइकर सुनील छेत्री, अनवर अली, नाओरेम महेश सिंह और उदांता सिंह कुमाम ने गोल किए।

लेबनान के लिए वालिद शऊर और मोहम्मद सादेक ही गोल कर सके, हसन मातोक और खलील बदेर चूक गए। गत विजेता भारत लगातार दूसरा और कुल नौंवा खिताब जीतने से केवल एक कदम दूर है और फाइनल में उसका मैच बांग्लादेश से होगा। लेबनान और भारत के पिछले मैच में छेत्री की टीम ने बाजी मारी थी, हालांकि इस बार लेबनान ने मजबूत शुरुआत की।

पहले ही मिनट में नादिर मातर का शॉट नेट के ऊपर से निकलने के बाद लेबनान आठवें मिनट में भारत के गोल के करीब आया। जीन फ़रान ने भारत के गोल पर सटीक निशाना भी लगाया, गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू इस बार गोल रोकने में सफल रहे। भारत ने जल्द ही लय हासिल कर गेंद को अपने कब्ज़े में रखना शुरू किया।

जैकसन सिंह के पास की मदद से सहल अब्दुल समद 16वें मिनट में गोल करने के करीब भी आये डिफेंडर अली ज़नीनी ने लेबनान को पिछड़ने से बचा लिया। भारत ने पहले हाफ में आधे से ज्यादा वक्त गेंद पर कब्जा रखा, कोच एलेक्जेंडर इलिच की टीम ने उसे गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। लेबनान ने 31वें मिनट में मिली फ्री-किक पर बढ़त बनानी चाही, गुरप्रीत एक बार फिर उसके आड़े आ गए।

भारत ने भले ही पहले हाफ में लेबनान को आक्रमण करने के लिए काफी जगह दी, दूसरे हाफ में उसने अपनी इस गलती को सुधारा। भारत लेबनान के डिफेंस में मौके बनाने लगा। मैच के 72वें मिनट में अनवर अली ने छेत्री के लिये अवसर बनाया, जॉर्ज मेल्की ने गेंद को गोलपोस्ट से दूर भेज दिया। छेत्री 94वें और 96वें मिनट में भी गोल करने के करीब आये, दोनों बार ही वह सटीक किक नहीं मार सके।

मैच में आखिरी गोल का प्रयास 113वें मिनट में उदांता सिंह ने किया और उसके असफल होने की वजह से मैच पेनल्टी शूटआउट में चला गया। शूटआउट में छेत्री ने अपनी काबिलियत का परिचय देते हुए पहले प्रयास में गेंद को नेट में पहुंचाकर भारत की जीत की राह आसान की। अनवर, महेश और उदांता ने भी भारत के लिये गोल किये।

गोलकीपर गुरप्रीत ने पहले प्रयास में हसन मातूक का शॉट रोका, चौथे प्रयास में खलील बदर का शॉट गोल के ऊपर से निकलने के कारण लेबनान यह रोमांचक मैच हार गई। गत विजेता भारत ने ग्रुप ए से कुवैत के बाद दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था, लेबनान ने ग्रुप ए में शीर्ष पर रहते हुए अंतिम-चार चरण का टिकट पक्का किया था।

इससे पहले भारत और लेबनान ने आठ बार एक-दूसरे का सामना किया था। दोनों टीमों के बीच जीत-हार के रिकॉर्ड में लेबनान 3-2 से आगे है। तीन अन्य मैच बराबरी पर छूटे थे।

भारत ने इस महीने की शुरुआत में ओडिशा में इंटरकांटिनेंटल कप के लीग मैच में लेबनान को गोलरहित ड्रॉ पर रोका और टूर्नामेंट के फाइनल में उसे 2-0 से हराया। भारतीय टीम फिर से मुख्य कोच इगोर स्टिमक के बिना खेलने उतरा था। कुवैत के खिलाफ मैच के दौरान क्रोएशिया के इस पूर्व खिलाड़ी को टूर्नामेंट के दौरान दूसरी बार रेड कार्ड दिखाया गया था।