ओलंपिक क्वालिफिकेशन पर सिंधु और लक्ष्य सेन की निगाह
कैलगरी: कनाडा ओपन विश्व टूर सुपर-500 टूर्नामेंट में लय हासिल करने और मौजूदा ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र में बहुमूल्य रैंकिंग अंक हासिल करने के इरादे से स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन उतरेंगे। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी को पिछले वर्ष बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के दौरान स्ट्रेस फ्रेक्चर हुआ था और वह अब भी पूर्ण फिटनेस हासिल करने के लिए जूझ रही हैं।
वह फरवरी में दोहा में बैडमिंटन एशिया मिश्रित टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में थी, इस वर्ष कुछ विश्व टूर टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले पाईं। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु चोट के बाद वापसी करते हुए फॉर्म हासिल करने के लिए जूझ रही हैं।
दुनिया की दूसरे नंबर की पूर्व खिलाड़ी सिंधु की मौजूदा बीडब्ल्यूएफ महिला एकल रैंकिंग 12 है और उन्हें पेरिस ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र (एक मई 2023 से 28 अप्रैल 2024) में उनके टूर्नामेंटों की भरपाई भी करनी है जिनमें वह चोट की वजह से हिस्सा नहीं ले पाईं।

इस साल उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अप्रैल में मैड्रिड मास्टर्स सुपर 300 टूर्नामेंट में रजत पदक जीतना रहा। इसके बाद वे दो टूर्नामेंट के पहले दौर में बाहर हुई, एक में उन्हें दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। सिंधु के लिए यहां ड्रॉ तुलनात्मक रूप से आसान है। उन्हें पहले दौर में स्थानीय दावेदार तालिया एनजी से भिड़ना है।
सिंधु को क्वार्टर फाइनल में जापान की आठवीं वरीय नोजोमी ओकाहारा का सामना करना पड़ सकता है जिनके खिलाफ उन्होंने नौ जीत दर्ज की जबकि आठ में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सिंधु को शीर्ष वरीय अकाने यामागुची के ड्रॉ में जगह मिली है।
जापान की यामागुची ने पिछले महीने सिंगापुर ओपन में सिंधु को हराया था, इसके बावजूद उनके खिलाफ भारतीय खिलाड़ी की जीत हार का रिकॉर्ड 14-10 है। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन लक्ष्य सेन भी इस साल कुछ टूर्नामेंट के पहले दौर में हार के बाद शीर्ष 10 से बाहर हुए।
दुनिया के 19वें नंबर के प्लेयर लक्ष्य चार टूर्नामेंट के पहले दौर से बाहर हुए और इस साल उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जनवरी में इंडोनेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना रहा।
लक्ष्य की पिछले साल अगस्त में विश्व चैंपियनशिप के बाद नाक की सर्जरी हुई थी और इसके बाद से वह फॉर्म हासिल करने के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद आठ महीने के दौरान उन्हें कई बार बीमारी और एलर्जी का सामना करना पड़ा।