52 साल बाद भी नहीं टूट सका सुनील गावस्कर का ये रिकॉर्ड
नई दिल्ली : 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। क्रिकेट के गलियारों में उन्होंने लिटिल मास्टर के नाम से भी जाना जाता है। अपने टाइम में इस दिग्गज खिलाड़ी ने लंबे चौड़े गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया था। गावस्कर का टेस्ट डेब्यू 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ था।
उस समय वेस्टइंडीज टीम बेहद खतरनाक हुआ करती थी, अपनी पहली ही सीरीज में लिटिल मास्टर ने 774 रन बनाकर अपना लोहा मनवाया। यह डेब्यू सीरीज में किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन है। 52 वर्ष बाद भी कोई खिलाड़ी इसे तोड़ नहीं पाया है।

भारत के लिए गावस्कर ने कुल 125 खेले, जिसमे उन्होंने 51.12 की औसत के साथ 10122 रन बनाए थे, वनडे में उन्होंने 108 मैचों में 3092 रन बनाए थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए
गावस्कर के रिकार्ड्स
वेस्टइंडीज के खिलाफ सर्वाधिक रन (2,749) और शतक (13) बनाने का रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले पहले क्रिकेटर थे, उस समय इसकी कल्पना करना भी मुश्किल था।
वह दो मैदानों पर लगातार चार शतक मारने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं, उन्होंने यह कारनामा पोर्ट ऑफ स्पेन और वानखेड़े स्टेडियम में किया था।
18 अलग-अलग प्लेयर्स के साथ 58 टेस्ट शतकीय साझेदारियां करने वाले एकमात्र क्रिकेटर हैं।
टेस्ट क्रिकेट की दोनों पारियों में तीन बार शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर हैं, उनके बाद यह कारनामा रिकी पोंटिंग और डेविड वॉर्नर ने किया था।
वह बतौर आउट फील्डर टेस्ट क्रिकेट में 100 कैच लेने वाले पहले खिलाड़ी थे।
पहले भारतीय क्रिकेटर बने जो पारी की शुरुआत से लेकर आखिर तक नाबाद रहे। क्रिकेट की टर्मिनोलॉजी में इसे कैरी बैट कहते हैं। इसके बाद यह कारनामा राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने भी किया।
1983 में उन्होंने सर डॉन ब्रैडमैन (29) के सर्वाधिक शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा था।
अपने करियर में कुल 34 शतक लगाए थे। उनके इस रिकॉर्ड को सचिन तेंदुलकर ने 2005 में धवस्त किया था।