पुजारा को टेस्ट टीम से बाहर किए जाने से हरभजन सिंह नाराज
नई दिल्ली : भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत कल से होगी। इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम चेतेश्वर पुजारा के बिना खेलने उतरेगी। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021-23 के फाइनल मैच में खराब प्रदर्शन के बाद पुजारा को टेस्ट टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया।
अजिंक्य रहाणे को डब्ल्यूटीसी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करने का फायदा मिला। वह टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा तो हैं ही साथ में उन्हें उप-कप्तानी भी दोबारा सौंपी गई है। भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह हालांकि पुजारा को इस तरह से टेस्ट टीम से बाहर निकालने से खुश नहीं हैं।

यशस्वी जयसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे युवा क्रिकेटरों को टेस्ट टीम में जगह मिली है। उनका मानना है कि पुजारा ने भारतीय टीम के लिए जो कुछ भी किया है, उसके लिए उन्हें और इज्जत मिलनी चाहिए थी। पुजारा ने 2010 में टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था और तब से लेकर अब तक वह 103 टेस्ट मैचों में 43.60 की औसत से 7195 रन बना चुके हैं।
पुजारा 19 टेस्ट शतक लगा चुके हैं और 35 वर्षीय पुजारा के लिए टेस्ट टीम में वापसी का रास्ता आसान नहीं होगा। हरभजन सिंह ने बोला, ‘चेतेश्वर पुजारा ने जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए मैं उसकी बहुत इज्जत करता हूं। वह काफी सालों से टीम इंडिया के अनसंग हीरो रहे हैं, वह टीम इंडिया के लिए ऐसे मजबूत स्तंभ रहे हैं, नाम ना बनाने वाले काम करके टीम को संकट से उबारा है। जिससे बाकी बल्लेबाजों को कंफर्ट मिले।
मुझे ऐसा लगता है कि उसे इससे ज्यादा इज्जत मिलनी चाहिए थी, जो उसे अभी दी जा रही है। उसे जिस तरह से टीम से बाहर फेंका गया, वह देखकर मैं हैरान हूं, क्योंकि वह अकेला ऐसा बल्लेबाज नहीं था, जो रन नहीं बना रहा था। टीम में और भी हैं, जो उसकी तरह की बल्लेबाजी कर रहे थे, जिन्होंने उतने ही एवरेज से उतने ही रन बनाए हैं।
पुजारा को दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन की तरफ से खेलने का अवसर मिला और उन्होंने अहम मैच में शतक लगाकर सिलेक्टर्स को करारा जवाब भी दिया। पुजारा की टेस्ट टीम में वापसी होती है या नहीं, यह तो आने वाले कुछ महीनों में ही पता चलेगा। क्योंकि अगर वह 3-4 महीने में वापसी नहीं कर पाते हैं, तो ऐसे में उनके लिए आगे वापसी करना और भी मुश्किल हो जाएगा।