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पहलवानों को ओपन ट्रायल में छूट के विरोध में आया पंजाब कुश्ती संघ


नई दिल्ली : सितम्बर में एशियन गेम्स का आगाज होने जा रहा है। दिल्ली के केडी जाधव इंडोर स्टेडियम 22 और 23 जुलाई को अलग-अलग वेट कैटेगरी के पहलवानों का ओपन ट्रायल होना है। इस तरह के ट्रायल के विनर्स को गेम्स का टिकट मिलता है। हालांकि, इस बार ऐसा नहीं है।

एशियन गेम्स में शामिल होने वाले भारतीय पहलवानों के नामों के ऐलान की आखिरी तारीख 23 जुलाई है। ओलिंपिक काउंसिल एशिया तक अगर उस तारीख तक नाम नहीं भेजे गए तो गेम्स में भारतीय कुश्ती दल का हिस्सा लेना मुमकिन नहीं होगा। ओपन ट्रायल में जीत दर्ज करने के बावजूद पहलवानों को यह जानने के लिए इंतजार करना होगा कि वे एशियन गेम्स में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं।

एडहॉक कमेटी ने बोला है कि इन पहलवानों का अलग ट्रायल 8 से 10 अगस्त के बीच कराया जाएगा। इसमें इनका मुकाबला ओपन ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले पहलवानों से होगा। कमेटी ओपन ट्रायल के आधार पर टीम सिलेक्ट कर लेगी, 10 अगस्त को ओपन ट्रायल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्लेयर्स व अन्य खिलाड़ियों के बीच मुकाबले होंगे।

अगर अन्य प्लेयर्स जीत हासिल करते हैं तो उनका नाम स्टैंड बाय से हटाकर मुख्य टीम में हो जाएगा। भारतीय ओलिंपिक संघ की ओर से गठित एडहॉक कमेटी में बतौर कुश्ती एक्सपर्ट शामिल अशोक गर्ग ने इस खबर को कन्फर्म किया है। अन्य सूत्रों ने बताया कि छह रेसलर्स को ओपन ट्रायल से राहत देने पर टीम इंडिया के एक कोच और एडहॉक कमेटी के मेंबर्स के बीच विवाद हो गया।

सूत्र बताते हैं कि यह विवाद एशियन गेम्स के लिए ओपन ट्रायल की तारीख और ट्रायल की रूप रेखा निर्धारित करने के लिए हुआ है। सूत्रों के अनुसार, एडहॉक कमेटी में शामिल कुश्ती एक्सपर्ट अशोक कुमार गर्ग और ज्ञान सिंह छह पहलवानों को ओपन ट्रायल से रियायत देने के पक्ष में थे। भारतीय टीम के कोच किसी भी खिलाड़ी को ओपन ट्रायल से रियायत नहीं देना चाहते हैं।

उनका बोलना है कि सभी प्लेयर्स के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। किसी को स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिलना चाहिए। उनके अनुसार ऐसा करना इंटरनेशनल लेवल पर मेडल जीत चुके अन्य पहलवानों और युवा पहलवानों के साथ अन्याय होगा। कोच का कहना था कि टॉप रेसलर्स को रियायत का कोई और क्राइटेरिया सेट करना चाहिए।

एडहॉक कमेटी के मेंबर अशोक गर्ग ने बताया कि रवि दहिया और दीपक पूनिया समेत किसी भी अन्य इंटरनेशनल पहलवान ने ओपन ट्रायल में हिस्सा लेने से मना नहीं किया है। अगर वे इंजर्ड होते हैं और ओपन ट्रायल देने के लिए फिट नहीं है और कमेटी या खेल मंत्रालय से ट्रायल अगस्त में कराने की मांग करते हैं तो उनके नामों पर भी विचार होगा।

अशोक गर्ग बताते हैं कि किसी भी पहलवान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। टॉप रेसलर्स ने रियायत देने की कोई मांग नहीं की। उन सब ने ट्रायल अगस्त में कराने की मांग की थी। इसलिए उनका ट्रायल अगस्त में होगा। उनके साथ ट्रायल में ओपन-ट्रायल में टॉप पर रहने वाले पहलवान हिस्सा लेंगे या टॉप-4 रेसलर्स ही हिस्सा लेंगे, इस पर फैसला नहीं हुआ।

फेडरेशन के ट्रायल कैंप में टॉप-4 रेसलर्स ही भाग लेते थे, पर यहां ऐसा नहीं है। देश के सभी टॉप रेसलर्स को ट्रायल में भाग लेने का मौका मिल रहा है। इसमें अंडर-20 और अंडर-23 के टॉप-4 रेसलर्स भी होंगे। साथ ही पिछले वर्ष सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के टॉप-4 और पिछली नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप के टॉप-4 पहलवान भी भाग लेंगे।

इसके अलावा 2022-23 में जो भी पहलवान इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भाग ले चुके हैं, वे भी भाग लेंगे। ऐसे में देश का ऐसा कोई भी पहलवान नहीं बचेगा, जो ट्रायल के योग्य है और उसे मौका नहीं मिल रहा है।

छह पहलवान एशियन गेम्स के लिए विदेश में प्रैक्टिस कर रहे हैं। बजरंग, जितेंदर, संगीता किर्गिस्तान में हैं, विनेश रैंक-4 का टूर्नामेंट खेलने हंगरी गई हैं, जबकि साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान अमेरिका में तैयारी कर रहे हैं।