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एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप : भारत ने अपने नाम किए 27 मेडल


नई दिल्ली : बैंकाक में खत्म हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने 27 मेडल अपने नाम करके पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय एथलीटों ने भुवनेश्वर में 2017 में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी 27 मेडल जीते थे, तब उसे नौ गोल्ड मिले थे, इस बार छह गोल्ड मेडल ही मिले।

भारत ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के अंतिम दिन आठ सिल्वर समेत 12 मेडल जीते, उसे अंतिम दिन कोई गोल्ड मेडल नहीं जीता और वह 27 मेडलों के साथ प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने प्रतियोगिता में कुल छह गोल्ड, 12 सिल्वर और नौ ब्रांज मेडल हासिल किये। एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी चार वर्ष बाद हुई।

हांग्जो में होने वाला 2021 संस्करण कोरोना की वजह से रद्द हो गया था। एशियाई एथलेटिक्स संघ की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 के अंतिम दिन स्प्रिंटर ज्योति याराजी और पारुल चौधरी भारत के लिए स्टार एथलीट साबित हुईं।

ज्योति ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में जीते गए गोल्ड के बाद 200 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता, पारुल चौधरी ने 3000 मीटर स्टिपलचेज में जीते गोल्ड के बाद 5000 मीटर दौड़ में चांदी का तमगा जीता।

भारत गोल्ड मेडलों के मामले में जापान 37 (16 गोल्ड, 11 सिल्वर, 10 ब्रांज) और चीन 22 (आठ गोल्ड, आठ सिल्वर, छह ब्रांज) के बाद तीसरे स्थान पर रहा, श्रीलंका आठ मेडल (तीन गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रांज) के साथ चौथे स्थान पर रहा। भारत ने मेडलों की संख्या के मामले में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2017 में भुवनेश्व र संस्कनरण के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की।

भुवनेश्वथर में भारत ने नौ गोल्ड मेडलों के साथ 27 मेडल जीते थे। प्रतियोगिता में ज्योति ने शानदार स्प्रिंट के साथ महिलाओं की 200 मीटर में सीजन का सर्वश्रेष्ठ समय 23.13 सेकेंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता। पारुल चौधरी ने भी प्रतियोगिता में अपना दूसरा मेडल जीता। महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया।

इससे पहले 3000 मीटर स्टिपलचेज़ में उन्होंमने गोल्ड मेडल जीता था। बैंकॉक के नेशनल स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय प्रतियोगिता में पारुल ने 15 मिनट 52.35 सेकेंड का समय लेकर सिल्वर मेडल जीता और भारत ने इस स्पर्धा में डबल पोडियम फिनिश हासिल की।

अंकिता ने 16 मिनट 3.33 सेकेंड का समय लेकर ब्रांज मेडल जीता। महिलाओं के शॉटपुट में भारत की आभा खटुआ ने सिल्वर और मनप्रीत कौर ने ब्रांज मेडल जीता। आभा ने गोले को 18.06 मीटर तक फेंका जबकि मनप्रीत ने 17 मीटर की दूरी तय की। भारत के मनु डीपी ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की भाला फेंक में 81.01 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता।

हेप्टाथलॉन में भारत की अनुभवी स्वप्ना बर्मन शानदार प्रदर्शन करते हुए 5,840 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। मध्यम दूरी के धावक कृष्ण कुमार ने अपने सीज़न के सर्वश्रेष्ठ और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पुरुषों की 800 मीटर में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 1 मिनट 45.88 सेंकेंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया।

के.एम. चंदा को सातवां सिल्वर मेडल जीता जब उन्होंने महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में सीजन का सर्वश्रेष्ठ समय 2 मिनट 2.58 सेकेंड का समय निकाला। अमोज जैकब, मुहम्मद अजमल, मिजो कुरियन और रमेश राजेश की पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने 3 मिनट 1.80 सेकेंड का समय लेकर भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता।

रेजोआना, ऐश्वर्या, ज्योतिका और सुभा की महिलाओं की 4×400 मीटर रिले टीम ने 3 मिनट 33.73 सेकेंड में रेस पूरी कर ब्रांज मेडल जीता। भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 13 मिनट 48.33 सेकेंड का समय लेकर ब्रांज मेडल जीता और दो चीनी एथलीटों के बाद तीसरे स्थान पर रहे।