एशियाई खेल में भारतीय फुटबॉल की वापसी से बढ़ेगा प्लेयर्स का मनोबल
खेल मंत्रालय ने अपनी चयन पात्रता में छूट देते हुए भारतीय पुरुष और महिला फुटबॉल टीम का एशियन गेम्स में खेलने का रास्ता साफ हुआ। इस बारे में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नौ साल बाद एशियाई खेल में भारतीय फुटबॉल टीमों की वापसी से प्लेयर्स का मनोबल बढ़ेगा.
चौबे ने बोला, ‘‘हाल में भारतीय फुटबॉल में अभूतपूर्व प्रगति हुई है और मेरा मानना है कि इस प्रोत्साहन से आने वाले सभी टूर्नामेंट में हमारे प्लेयर्स का मनोबल बढ़ेगा.

चौबे ने इसे देश में खेल के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया. उन्होंने कहा, ‘‘यह भारतीय फुटबॉल के लिए महत्वपूर्ण दिन है और भारत में खेल का विकास करने के हमारे संकल्प का प्रमाण है.
उन्होंने बोला, ‘‘एआईएफएफ का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है और इस तरह के लम्हे देश में पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को जारी रखने के लिए हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करते है.
चौबे ने कहा, ‘‘हम भारत सरकार और खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय को उनके समर्थन और 19वें एशियाई खेल के लिए भारतीय फुटबॉल को विशेष छूट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देते है.
हाल ही में सुनील छेत्री की अगुवाई वाली भारतीय पुरुष टीम ने हाल ही में इंटर कॉन्टिनेंटल कप और सैफ चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया.
दूसरी ओर खेल मंत्रालय ने आईओए और सभी राष्ट्रीय खेल महासंघ को पत्र लिखकर स्पष्ट किया था कि टीम टूर्नामेंटों में उन्हीं खेलों की भागीदारी पर विचार किया जाएगा जिनकी एशिया में रैंकिंग कम से कम आठ है. भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम की एशिया में रैंकिंग 18, महिला टीम की 11 है.
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पुरुष और महिला टीमों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एआईएफएफ ने खेल मंत्रालय से अपील की थी. भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टिमक ने भी पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी.
स्टिमक ने कहा, ‘‘यह भारतीय फुटबॉल के लिए शानदार दिन है और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और हमारी सरकार का एक उत्साहवर्धक फैसला है. एशियाई खेल में सर्वश्रेष्ठ टीमों को चुनौती देने का मौका देने के लिए उन सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद.