आर्चरी चैंपियनशिप : पुरुष कंपाउंड वर्ग में ओजस ने जीता गोल्ड
नई दिल्ली: पुरुषों के कंपाउंड वर्ग में 150 के सटीक स्कोर के साथ ओजस देवताले ने खिताब अपने नाम किया, जिससे भारत ने अपने अभियान का अंत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ किया। भारत ने तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता।
कंपाउंड वर्ग के तीरंदाजों ने जहां बेहतरीन प्रदर्शन किया, ओलंपिक में रिकर्व वर्ग के तीरंदाज पूरी तरह से विफल रहे और खाली हाथ लौटे।
अदिति और देवताले दोनों सतारा में एक ही अकादमी में कोच प्रवीण सावंत की देखरेख में प्रशिक्षण लेते है। सतारा की 12वीं कक्षा की छात्रा अदिति ने जुलाई में लिमरिक में युवा चैंपियनशिप में अंडर-18 का खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में संभावित 150 अंकों में से 149 अंक के साथ मैक्सिको खिलाड़ी को दो अंक से पछाड़ा।
नागपुर के रहने वाले देवताले ने रोमांचक फाइनल में पोलैंड के लुकाज प्रिजीबिल्स्की को एक अंक से हराया। चैंपियनशिप की 16वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एंड्रिया ने फाइनल में पहुंचने के क्रम में कई दिग्गजों को हराया था जिसमें प्री-क्वार्टर फाइनल में मौजूदा विजेता सारा लोपेज को मात देना भी है।

एंड्रिया को फाइनल में छठी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी से शुरुआत से कड़ी चुनौती मिली। अदिति के शुरूआती तीनों तीर से निशाने के केंद्र में लगे जिससे उन्होंने पहले दौर में 30-29 की बढ़त ली।
उन्होंने लय को जारी रखते हुए अगले तीन दौर में इस प्रदर्शन को दोहराया और तीन अंक की बढ़त बना ली। आखिरी दौर में उन्होंने एक निशाना नौ अंक का लगाया, बाकी दो से 10-10 अंक बटोर कर कुल 149 अंक जुटाये। एंड्रिया 147 अंक ही बना सकी। इस टूर्नामेंट में यह उनका दूसरा स्वर्ण पदक है।
दोपहर के सत्र में देवताले ने स्वर्ण जीतकर भारत के लिए इस अभियान को और शानदार बनाया। देवताले और पोलैंड के उनके प्रतिद्वंद्वी के बीच मैच करीबी था। शुरूआती तीन दौर के बाद दोनों के एक समान परफेक्ट 90 अंक थे। देवताले ने भी 10 अंकों वाले सटीक निशाना लगाना जारी रखा और 150 में से 150 अंक बनाए।
प्रिजीबिल्स्की दबाव में आ गये और उन्होंने एक निशाना नौ अंक का लगाया। इससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारतीय तीरंदाजी संघ के महासचिव प्रमोद चांदुरकर ने एक समाचार एजेंसी से कहा, ‘यह कोई संयोग नहीं है और यह मजबूत टीम वर्क, खेल विज्ञान पर ध्यान और हमारी तकनीकी टीम पर 100 प्रतिशत भरोसे का नतीजा है। उन्होंने कहा कि दो महीने में एशियाई खेल होने वाले हैं, इससे तीरंदाजी को काफी बढ़ावा मिलेगा।