इस वजह से निकोलस पूरन पर लगा जुर्माना
पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में वेस्टइंडीज की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले निकोलस पूरन को मैच के दौरान अंपायरों की सार्वजनिक आलोचना करने के लिए मैच फीस का 15 फीसदी जुर्माना लगाया गया. पूरन का अपराध लेवल एक का था.
पूरन ने अपनी यह गलती स्वीकार कर ली है और मैच रैफरी रिची रिचर्डसन की फटकार की प्रस्तावित सजा को भी स्वीकार किया, जिसके कारण औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
इसके अलावा पूरन के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जुड़ा, जिनका पिछले 24 महीने के समय में यह पहला अपराध है. उन्हें प्लेयर्स और खिलाड़ियों के सहयोगी स्टाफ की आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.7 का दोषी पाया गया जो ‘अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी घटना की सार्वजनिक आलोचना से जुड़ा है.

पारी के चौथे ओवर में एलबीडबल्यू के फैसले के रिव्यू के बाद यह घटना हुई. पूरन ने अंपायरों की आलोचना की क्योंकि उन्होंने फैसले के लिए प्लेयर्स के रिव्यू का इस्तेमाल किया, उन्हें लगता था कि बल्लेबाज साफ नॉट आउट है.
मैदानी अंपायरों लेस्ली रीफर और नाइजेल डुगुइड, तीसरे अंपायर ग्रेगरी ब्रेथवेट और चौथे अंपायर पैट्रिक गस्टार्ड ने आरोप लगाए. लेवल एक के अपराध की न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार और अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना तथा एक या दो डिमेरिट अंक है.
भारत के 153 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने पूरन की 40 गेंद में 67 रन की पारी की से सात गेंद शेष रहते जीत हासिल करके इस टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई.
बता दें सीरीज का तीसरा मैच मंगलवार को गुयाना में होगा. इसके बाद अंतिम दो मैच अमेरिका में होने है. अगर भारत मंगलवार का मैच नहीं जीता तो सीरीज उसके हाथ से चली जाएगी.
तीसरे मैच में टीम इंडिया को अपने बल्लेबाजों से आस होगी क्योंकि पहले दोनों मैच में बल्लेबाजी फ्लॉप होने के चलते मुश्किल में फंसी है.