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हॉकी इंडिया लीग के प्रस्तावित वित्तीय मॉडल पर लगी मुहर

चेन्नई : देश में खेल के भविष्य को आकार देने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर हॉकी इंडिया ने अपनी 100वीं कार्यकारी बैठक में चर्चा की।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष दातो तैयब इकराम और एशियाई हॉकी महासंघ के अध्यक्ष फुमियो ओगुरा मौजूद थे, दोनों को स्मारक स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

इस बैठक की अध्यक्षता हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की के साथ हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह और हॉकी इंडिया के कोषाध्यक्ष सेकर जे मनोहरन ने की।

बैठक के दौरान चीन के हांगझू में होने वाले एशियाई खेल और हॉकी इंडिया लीग के पुनरुद्धार सहित विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई।

बैठक में हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड ने हॉकी इंडिया लीग के लिए वाणिज्यिक एजेंसी बिग बैंग मीडिया वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित वित्तीय मॉडल को आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिली, जिसके बाद एजेंसी औपचारिक रूप से हॉकी इंडिया लीग के लिए बाजार में कदम रखेगी।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की ने बोला, “मैं आज यहां हॉकी इंडिया की 100वीं कार्यकारी बोर्ड बैठक में शामिल होकर प्रसन्न और सम्मानित महसूस कर रहा हूं।

यह बैठक उस खेल के प्रति अटूट समर्पण की एक सदी की बैठक का प्रतिनिधित्व करती है जिसे हम प्यार करते है। आज एफआईएच अध्यक्ष दातो तैयब इकराम और एएचएफ अध्यक्ष फुमियो ओगुरा जैसे सम्मानित नेताओं के साथ, हम वैश्विक सहयोग और हॉकी के उत्थान के सामान्य लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते है।

उन्होंने बोला, “पिछले महीने, हमने अपनी मार्केटिंग एजेंसी द्वारा प्रस्तावित एचआईएल पुनरुद्धार योजनाओं की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी, और आज कार्यकारी बोर्ड ने हॉकी इंडिया लीग के लिए बिग बैंग मीडिया वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित वित्तीय मॉडल को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी है। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली हॉकी का उत्पादन करना है, जो खेल को और भी ऊपर उठाने में मदद करेगा।

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने अध्यक्ष की भावनाओं को दोहराते हुए बोला,”मेरा मानना है कि हॉकी इंडिया लीग न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया भर में खेलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे भारतीय हॉकी प्लेयर्स के साथ-साथ विदेशी प्लेयर्स को भी प्रतिस्पर्धा करके अपने खेल को ऊपर उठाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने बोला, “कौशल और रणनीतियों का यह अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान न सिर्फ प्लेयर्स की क्षमताओं में सुधार करता है बल्कि खेल की गहरी समझ को भी बढ़ावा देता है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने की अनुमति मिलती है। यह सब हॉकी के वैश्विक विकास में योगदान देगा।