अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ का फैसला, ट्रांसजेंडर महिला प्लेयर्स पर लगा बैन
विश्व शतरंज महासंघ ने ट्रांसजेंडर महिला शतरंज प्लेयर्स पर बैन लगा दिया है। इसने एक नई नीति बनाई है कि ट्रांसजेंडर महिलाएं महिलाओं के आयोजनों में नहीं खेल सकतीं।
बता दे कि इंटरनेशनल शेफ फेडरेशन के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ट्रांसजेंडर महिला शतरंज प्लेयर्स को अब महिलाओं की टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह रोक अगले विश्लेषण तक जारी रहेगी। फीडे ने बोला कि, वह ट्रांसजेंडर महिलाओं द्वारा जीते गए खिताब रद्द कर देगा।

फीडे ने कहा कि प्लेयर्स को अपने लिंग परिवर्तन के बारे में शतरंज टूर्नामेंटों के आयोजकों को सूचित करना चाहिए। समलैंगिक समर्थकों ने फीडे के फैसले का विरोध किया। कुछ लोग बोलते है कि ट्रांस महिलाओं का अपमान करना है।
कई खेलों की प्रबंधक संस्थाओं ने महिलाओं की एलीट टूर्नामेंटों में ट्रांसजेंडर महिलाओं के हिस्सा लेने से जुड़े नियमों को कड़ा कर दिया है।
इनमें साइकलिंग, ऐथलेटिक्स और तैराकी भी शामिल है। अब तक इस तरह के कदम जिन जिन खेलों में उठाये गए है उनमें भारी शारीरिक गतिविधि शामिल होती है, शतरंज में ऐसा नहीं है। फीडे के इस फैसले का एडवोकेसी समूहों और ट्रांसजेंडर अधिकार समर्थकों ने आलोचना की है।