पेरिस ओलंपिक कोटा के साथ लवलीना ने एशियाड में पदक भी किया पक्का
स्टार भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में दमदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल (75 किलोग्राम) मैच में दक्षिण कोरिया की सुयोन सेओंग को 5-0 से मात देकर डबल धमाल मचाया।
उन्होंने एशियन गेम्स में मेडल पक्का करने के अलावा भारत के लिए पेरिस ओलंपिक कोटा भी जीता। लवलीना पेरिस ओलंपिक हासिल करने वाली तीसरी बॉक्सर है। उनसे निखत जरीन और प्रीति पवार ने ओलंपिक कोटा जीता।
ओलंपिक पदक विजेता और मौजूदा विश्व विजेता लवलीना ने सेओंग के विरुद्ध शुरू से अपना दबदबा बनाया। उन्होंने दाएं हाथ से कुछ जोरदार प्रहार किए और पहला राउंड जीता।

लवलीना ने दूसरे राउंड में भी लय बरकरार रखी और अंतिम राउंड में कोरियाई मुक्केबाज की बढ़त को दरकिनार करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई।
दूसरी तरफ प्रीति ने 54 किलो सेमीफाइनल में एंट्री की। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता और मौजूदा एशियाई विजेता कजाखस्तान की जाइना शेकेरबेकोवा को 4-1 से हराया।
प्रीति ने आक्रामक शुरुआत की, उसकी अनुभवी प्रतिद्वंद्वी ने कई बार उसके रक्षण में सेंध मारी। इसके बावजूद प्रीति ने विचलित हुए बिना पहले दौर में 3-2 की बढत बना ली।
अंतिम तीन मिनट में दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे पर जमकर घूंसे बरसाये, सटीक नहीं लगे। कजाखस्तान की खिलाड़ी पर थकान हावी हो गई और प्रीति ने आक्रामकता बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
यूपी की बेटी किरण बालियान ने भारत को 72 वर्ष बाद शॉटपुट में दिलाया पदक
भारत की किरण बालियान ने शॉटपुट में कांस्य पदक जीता है। देश के खाते में यह उपलब्धि 72 वर्षों के बाद आई है। किरण बलियान ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए तीसरे प्रयास में 17.36 मीटर की दूरी तक आयरन बॉल फेंककर भारत के पदक का खाता खोला। भारतीय खिलाड़ी 24 वर्षीय किरण बालियान का शॉटपुट में कांस्य पदक भारत के लिए 72 वर्ष बाद जीता है।
इसके पहले वर्ष 1951 में नई दिल्ली में आयोजित पहले एशियन गेम्स में बारबरा वेबस्टर ने भी कांस्य पदक जीता था। बारबरा, तत्कालीन बांम्बे स्टेट की रहने वाली एंग्लो इंडियन महिला थीं। उनके बाद भारत के लिए किरण बालियान ने शॉटपुट में 2023 में पदक जीता है।
किरण बलियान का सीज़न के साथ-साथ व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 17.92 मीटर है। यह उन्होंने 10 सितंबर को चंडीगढ़ में इंडियन ग्रां प्री 5 में दूसरे स्थान पर रहते हुए बनाया था।

किरण बालियान ने चीन में जारी एशियन गेम्स में शॉटपुट में कांस्य जीतने के बाद बताया कि उनको पता नहीं था कि भारत की झोली में यह पदक 72 वर्ष बाद आया है।
उन्होंने बोला कि, मैं इतिहास (1951 के बाद एशियाई खेल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शॉटपुट खिलाड़ी) नहीं जानती थी। मेरा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर था। मैं ऐसा नहीं कर सकी और मैं अपने प्रदर्शन से खुश नहीं हूं। लेकिन मैंने मेडल जीता है इसलिए मैं बहुत खुश हूं।
मेरठ की रहने वाली किरण बालियान एक ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल की बेटी है। वह शॉटपुट गलती से खेलने लगी। दरअसल, करीब नौ वर्ष पहले एक जूनियर टूर्नामेंट में शॉटपुट इवेंट में उसका नाम गलती से दर्ज हो गया। यहां वह खेली तो अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद वह इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया।