एशियाई खेल मुक्केबाजी : लवलीना की हार, जीता रजत पदक
एशियन गेम्स में भारत की लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किग्रा मुक्केबाजी में रजत पदक जीता। फाइनल में भारतीय मुक्केबाज को चीन की ली कियान के खिलाफ 5-0 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
बता दें कि चीनी मुक्केबाज पूर्व विश्व विजेता और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता रह चुकी है। लवलीना ने इस साल की शुरुआत में विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में ली कियान का सामना किया था और उन्हें 4:1 के स्प्लिट डिसीजन से हराया था।
ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन लवलीना ने अपनी इस कैटेगरी के फाइनल में जगह बनाकर पेरिस ओलंपिक कोटा हासिल किया था। भारतीय मुक्केबाज और चीनी बॉक्सर ने इस स्वर्ण पदक मैच में शुरुआत से ही रिंग में आक्रामक रुख़ इख़्तियार किया।

लवलीना ने पहले राउंड में कुछ अच्छे पंच लगाकर जजों का ध्यान अपनी ओर ज़रूर खींचा। दूसरे ओर अंतिम राउंड में भारत की लवलीना ने अपने फुटवर्क का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए राइंड हैंड से कई पंच जड़े, चीनी मुक्केबाज थोड़ी ज्यादा आक्रामक दिखी और उन्होंने इस स्वर्ण पदक को जीता।
बता दें नेशनल ओलंपिक कमेटी के पास ओलंपिक खेल में अपने संबंधित देशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए विशेष अधिकार है। पेरिस खेल में एथलीटों की भागीदारी उनकी एनओसी पर निर्भर करती है, जो उन्हें पेरिस ओलंपिक में अपने प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनती है।
एशियन गेम्स में बॉक्सिंग पेरिस ओलंपिक के लिए एक क्वालीफायर इवेंट भी है। पुरुषों की स्पर्धाओं में, सात भार वर्गों में से प्रत्येक में स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को पेरिस के लिए कोटा जारी किया जाएगा।
महिलाओं की कैटेगरी में, 66 किग्रा और 75 किग्रा के अलावा सभी कैटेगरी के लिए चार कोटा है। 66 किग्रा और 75 किग्रा में पुरुषों की तरह दो बर्थ दी जाएंगी।