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एशियाई खेल कबड्डी : भारतीय महिला टीम ने जीता स्वर्ण, अब पुरुष टीम पर निगाह

एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में चीनी ताइपे को रोमांचक मैच में 26-25 से मात देकर तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता।

हांगझोऊ में ज़ियाओशान गुआली स्पोर्ट्स सेंटर में हुए बेहद रोमांचक मैच में भारतीय टीम को एक बार ऑल-आउट का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए चीनी ताइपे को हराया। वहीं जकार्ता एशियन गेम्स- 2018 की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपे ने इस बार रजत पदक जीता।

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पुष्पा राणा और पूजा हाथवाला ने भारत के लिए रेड की शुरुआत की। पूजा ने ग्रुप स्टेज के दौरान भारत के लिए सबसे अधिक अंक बनाए थे।

भारतीय कबड्डी टीम ने फाइनल में पूजा के रेड की बदौलत बढ़त के साथ शुरुआत की। चीनी ताइपे ने भी भारत को टक्कर देते हुए लगातार अंक बटोरे और दोनों टीमें अंकों के मामले में एक-दूसरे के आगे पीछे चल रही थीं।

7-6 के स्कोर पर पूजा ने एक सुपर रेड करते हुए 3 टच प्वाइंट और एक बोनस हासिल कर भारत को 5 अंकों की बढ़त दिलाई और यहां से मैच का रूख़ पलट गया। पहला हाफ ख़त्म होने तक भारतीय महिला टीम ने 14-9 के स्कोर के साथ 5 अंकों की बढ़त बनाए रखी थी।

भारत और चीनी ताइपे के बीच दूसरे हाफ में भी रोमांचक मैच देखने को मिला। इस बीच, भारतीय टीम को एक बार ऑल-आउट का भी सामना करना पड़ा और वे 20-21 के स्कोर के साथ एक अंक पीछे हो गए।

भारतीय महिला टीम ने हार नहीं मानी और आखिर तक अपना प्रयास जारी रखा और जल्द ही वापसी करते हुए रोमांचक मैच को 26-25 से जीतकर एशियन गेम्स की कबड्डी प्रतियोगिता में तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।

चीनी ताइपे को हराकर स्वर्ण पदक जीतने से पहले, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल (61-17) को हराया था।

एशियन गेम्स कबड्डी के ग्रुप स्टेज मुक़ाबलों में भारत ने चीनी ताइपे के ख़िलाफ़ पहला मैच ड्रॉ (34-34) खेला, और उसके बाद दक्षिण कोरिया (56-23) और थाईलैंड (54-22) को हराया था।

यह भारतीय महिला कबड्डी टीम का एशियन गेम्स के इतिहास में तीसरा स्वर्ण पदक था। उन्होंने गुआंगझोऊ 2010 और इंचियोन 2014 में स्वर्ण पदक जीता था, जकार्ता 2018 एशियन गेम्स में टीम को ईरान के ख़िलाफ़ हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।