एशियाई खेल : विवाद के बीच भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण
एशियाई खेल में भारत ने एक और स्वर्ण पदक जीता जब पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को हराया. विवादों के बीच फाइनल में भारत ने ईरान को 33-29 से हराया.
महिला कबड्डी टीम ने रोमांचक फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से मात देकर स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत को 100 पदक के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में मदद की.

2010 और 2014 के चैंपियन भारत ने 2018 के फाइनल में ईरान के खिलाफ करारी हार के बाद स्वर्ण पदक दोबारा हासिल किया. इस पदक से भारत 28 स्वर्ण, 35 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 103 पदक के साथ तालिका में चौथे स्थान पर रहेगा.
पुरुष कबड्डी फाइनल में धरने पर बैठे खिलाड़ी
एशियाई खेल के दौरान भारत और ईरान के बीच पुरुष कबड्डी फाइनल में जब दोनों टीमों के खिलाड़ी एक रेड के अंकों को लेकर अंपायर से भिड़ गए. टाइम आउट होने में एक मिनट से कम समय बचा था और भारत और ईरान का स्कोर बराबरी पर था. भारत के पवन सहरावत को करो या मरो वाली रेड के लिए जाना पड़ा.
रेड के दौरान पवन किसी भी ईरानी डिफेंडर के हाथ लगे बिना सीमा से बाहर चले गए. अमीरहोसैन बस्तामी के साथ तीन और ईरानी डिफेंडर्स ने पवन को बाहर धकेलने की कोशिश में उस पर धावा बोल दिया. जिसके बाद प्वाइंट किस टीम को मिलने चाहिए और इसे लेकर कन्फ्यूजन हो गया.
पुराने नियम के अनुसार, भारत को चार (या यहां पांच) अंक मिलेंगे, नए नियम से दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा, ईरान का एक डिफेंडर लाइन से बाहर (सेल्फ-आउट) हो गया था. अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी महासंघ नियम संख्या. 28 के अनुसार, भारत को चार अंक मिलने चाहिए.
नियम ये बोलते है कि “अगर कोई डिफेंडर या डिफेंडर जिसने सीमा के बाहर जमीन को छू लिया है (नियम 5 के अनुसार), रेडर को पकड़ लेता है, तो रेडर को नॉट आउट घोषित कर दिया जाएगा. जो रक्षक या प्रतिरक्षक सीमा से बाहर चले गए है उन्हें ही बाहर घोषित कर दिया जाएगा.
शुरुआत में, ईरान को पवन को रोकने के प्रयासों के लिए एक अंक मिला था. हालांकि, प्लेयर्स और अधिकारियों सहित भारतीय दल ने कोर्ट के अंपायर और टीवी अधिकारियों के साथ बहस शुरू कर दी.
आगे की समीक्षा और एक और रेफरल के बाद, अधिकारियों ने भारत को चार अंक देने का फैसला किया. इसमें बोला गया है कि पवन के साथ बाहर जाने वाले प्लेयर्स की संख्या के आधार पर अंकों की संख्या बदल सकती है.
इस फैसले के बाद ईरानी टीम को विरोध का सामना करना पड़ा. ऐसा लगता है कि अंतिम फैसला पुराने और नए दोनों नियमों पर आधारित होगा.
पुराने नियम के अनुसार, भारत को चार (या संभवतः पांच) अंक मिलेंगे, नए नियम के अनुसार हर टीम को एक अंक दिया जाएगा क्योंकि ईरानी डिफेंडर (बस्तामी) में से एक लाइन से बाहर चला गया था.