डिकॉक व रबाडा के आगे ऑस्ट्रेलिया की नहीं चली, दक्षिण अफ्रीका की 134 रन से जीत
क्विंटन डिकॉक (109) के शतक के बाद कगिसो रबाडा (तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका ने वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को 134 रन से मात देकर लगातार दूसरी जीत हासिल की।
दक्षिण अफ्रीका के 312 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने रबाडा (33 रन पर तीन विकेट), केशव महाराज (30 रन पर दो विकेट), तबरेज शम्सी (38 रन पर दो विकेट) और मार्को यानसेन (54 रन पर दो विकेट) की जोरदार गेंदबाजी के सामने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 40.5 ओवर में 177 रन पर सिमट गई, जो उसकी दो मैचों में दूसरी हार है।
ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्नस लाबुशेन ने सर्वाधिक 46 रन बनाए। उन्होंने मिशेल स्टार्क (27) के साथ सातवें विकेट के लिए 69 रन की पार्टनरशिप भी की। इन दोनों के अलावा कप्तान पैट कमिंस (22) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए।

इस टूर्नामेंट के बाद एकदिवसीय फॉर्मेट को अलविदा कहने जा रहे 30 वर्षीय डिकॉक ने इससे पहले 106 गेंद में आठ चौकों और पांच छक्कों से 109 रन की पारी खेली जिससे टीम ने सात विकेट पर 311 रन बनाए जो लखनऊ में वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे बड़ा स्कोर है।
उन्होंने कप्तान तेंबा बावुमा (35) के साथ पहले विकेट के लिए 108 रन जोड़े। ऐडम मार्कराम ने भी 44 गेंद में 56 रन का योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने आई ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत काफी खराब रही। टीम ने सातवें ओवर में 27 रन तक दोनों सलामी बल्लेबाजों मिशेल मार्श (07) और डेविड वार्नर (13) के विकेट गंवा दिए, 18वें ओवर तक उसका स्कोर छह विकेट पर 70 रन हो गया।

मार्श ने छठे ओवर में यानसेन की गेंद को हवा में लहराकर मिड ऑफ पर बावुमा को कैच थमाया, अगले ओवर में वार्नर लुंगी एनगिडी की गेंद को प्वाइंट पर रेसी वान डेर डुसेन के हाथों में खेल गए।
स्टीव स्मिथ (19) ने यानसेन के ओवर में दो चौके मारे। उन्होंने रबाडा का स्वागत लगातार दो चौकों के साथ किया, अगली गेंद पर पगबाधा हो गए। मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया था, डीआरएस लेने पर फैसला दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में गया।
रबाडा ने अपने अगले ओवर में जोश इंगलिस (05) को पगबाधा किया। बाएं हाथ के स्पिनर महाराज ने ग्लेन मैक्सवेल (03) को अपनी ही गेंद पर लपका जिससे 65 रन तक ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम पवेलियन लौट गई थी।
रबाडा ने मार्कस स्टोइनिस (05) को डिकॉक के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलिया को छठा झटका दिया। लाबुशेन और स्टार्क ने इसके बाद विकेटों के पतझड़ पर विराम लगाया। दोनों ने 26वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
लाबुशेन ने शम्सी पर लगातार दो चौके मारे, स्टार्क ने भी यानसेन की गेंद को बाउंड्री के दर्शन कराए। यानसेन ने स्टार्क को डिकॉक के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।
महाराज ने अगले ओवर में लाबुशेन को भी बावुमा के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलिया की रही सही उम्मीद भी तोड़ दी। उन्होंने 74 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके मारे।
कप्तान कमिंस ने 36वें ओवर में यानसेन पर तीन चौकों के साथ टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया। शम्सी ने 41वें ओवर में कमिंस और जोश हेजलवुड (02) को आउट करके दक्षिण अफ्रीका की जीत सुनिश्चित की।
डिकॉक ने इकाना की नई पिच पर स्वच्छंद होकर बल्लेबाजी की और ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के खिलाफ आसानी से रन बटोरे। उन्होंने बावुमा के साथ मिलकर टीम को प्रभावी शुरुआत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया को खराब क्षेत्ररक्षण का खामियाजा भी भुगतना पड़ा और उसके क्षेत्ररक्षकों ने कई कैच टपकाए।
ऑफ स्पिनर ग्लेन मैक्सवेल (34 रन पर दो विकेट) ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल गेंदबाज रहे, अन्य गेंदबाजों को पारी के अंतिम ओवरों में विकेट मिले। मिशेल स्टार्क (53 रन पर दो विकेट) ने 50वें ओवर में दो विकेट चटकाए।
आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए खेलने वाले डिकॉक ने सतर्क शुरुआत के बाद तेवर दिखाए। उन्होंने स्टार्क की गति का इस्तेमाल करते हुए पांचवें ओवर में डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर से फ्लिक करके पारी का पहला छक्का मारा।
उन्होंने बावुमा के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को शुरुआती सफलता से महरूम रखा। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने विकेट हासिल करने के लिए गेंदबाजी में लगातार बदलाव किया, सफलता नहीं मिली।
बावुमा को एडम जम्पा और स्थानापन्न खिलाड़ी सीन एबोट ने जीवनदान दिया। वह मैक्सवेल की गेंद को स्वीप करने की कोशिश में वार्नर को कैच दे देकर पवेलियन लौटे।
डिकॉक ने कमिंस की गेंद को डीप मिडविकेट के ऊपर से छह रन के लिए भेजकर 90 गेंद में शतक पूरा किया। उन्होंने इससे पहले जोश हेजलवुड पर फाइन लेग के ऊपर से लगातार दो छक्के भी मारे।
वह हैरानी भरे तरीके से आउट होकर पवेलियन लौटे। मैक्सवेल की गेंद ने उनके बल्ले के पिछले हिस्से से लगने के बाद छाती से टकराकर विकेट गिरा दिए।
मार्कराम को भी कमिंस ने अपनी ही गेंद पर एक रन पर जीवनदान दिया। उन्होंने इसका फायदा उठाकर अर्धशतक मारा और अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का जड़कर रन गति में इजाफा किया।
पांच बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम की यह इस विश्व कप में लगातार दूसरी हार है। पहले मैच में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, दक्षिण अफ्रीकी टीम की यह लगातार दूसरी जीत है। उसने पहले मैच में श्रीलंका को हराया था। क्विंटन डिकॉक को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह उनका आखिरी विश्व कप भी है।