नंबर वन मैग्नस कार्लसन को ग्रैंडमास्टर कार्तिकेयन मुरली ने दी मात
भारतीय प्लेयर्स लगातार चेस वर्ल्ड कप विजेता और नंबर वन चेस खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को कड़ी चुनौती दे रहे है। हाल ही में अगस्त 2023 में वर्ल्ड कप के फाइनल में मैगन्स कार्लसन को भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानानंद ने मात दी।
अब मैग्नस कार्लसन को एक भारतीय प्लेयर 24 वर्षीय ग्रैंडमास्टर कार्तिकेयन मुरली ने शिकस्त दी है। कार्तिकेयन मुरली ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को करारा झटका दिया।
मौजूदा कतर मास्टर्स में क्लासिकल चेस फॉर्मेट में कार्तिकेयन ने कार्लसन के खिलाफ जीत दर्ज की और भारत के लिए तीसरी बार कोई भारतीय खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराने में कामयाब हुआ है।

कार्तिकेयन मुरली से पहले मैग्नस कार्लसन को भारत के पेंटाला हरिकृष्णा और विश्वनाथन आनंद ने हराया था। कार्तिकेयन मुरली की जीत कतर में जारी टूर्नामेंट के सातवें दौर में हुई, जहां उन्होंने कुशलता से काले मोहरों का इस्तेमाल किया।
इस महत्वपूर्ण जीत के साथ वह एसएल नारायण, जावोखिर सिंदारोव, डेविड परव्यान, अर्जुन एरिगैसी और नोदिरबेक याकुबोएव जैसे अन्य प्रमुख प्लेयर्स की श्रेणी में शामिल हो गए, जिनमें से सभी ने 7 में से 5.5 का उल्लेखनीय स्कोर हासिल किया।
चेसबेस के अनुसार, कार्तिकेयन मुरली क्लासिकल गेम में मैग्नस कार्लसन को हराने वाले तीसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए है।
उनको पेंटाला हरिकृष्णा ने 2005 में हराया था, जब कार्लसन 14 वर्ष के थे। विश्वनाथन आनंद ने भी कार्लसन को हराया है और अब इस लिस्ट में कार्तिकेयन मुरली शामिल हो गए है।
तमिलनाडु के तंजावुर में जन्मे कार्तिकेयन मुरली एक भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर है, जिन्हें 2015 में फिडे द्वारा ग्रैंडमास्टर की उपाधि से सम्मानित किया था।
कार्तिकेयन दो बार के नेशनल चैंपियन भी है। 5 साल की उम्र में ही उन्होंने चेस खेलना सीख लिया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे बचपन में ही इस खेल की बारीकियों को सीख चुके थे। वे कई टूर्नामेंट एज ग्रुप में जीत चुके है।