वर्ल्ड कप : वॉर्नर व मार्श के शतक, ऑस्ट्रेलिया की दूसरी जीत, पाक की दूसरी हार
डेविड वॉर्नर (163), मिशेल मार्श (121) के शतक के बाद एडम जम्पा (4 विकेट) के दमदार प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया ने वनडे विश्व कप मैच में यहां पाकिस्तान को 62 रन से हराया। मैन ऑफ द मैच वॉर्नर ने 124 गेंद की पारी में 14 चौके और नौ छक्के मारकर पाक के खिलाफ लगातार चौथी और एकदिवसीय में कुल 21वीं शतकीय पारी खेली।
मार्श ने अपनी दूसरी शतकीय पारी के दौरान 10 चौके और नौ छक्के मारे। ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट पर 367 रन बनाने के बाद एडम जम्पा (53 रन पर चार विकेट) और मार्कस स्टोइनिस (40 रन पर दो विकेट) की अगुवाई में बेहतरीन गेंदबाजी से पाकिस्तान की पारी को 45.3 ओवर में 305 रन पर समेट दिया।

ऑस्ट्रेलिया की यह चार मैचों में दूसरी जीत है, पाक की यह दूसरी हार है। पाक के लिए सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक (70) और अब्दुल्ला शफीक (64) ने अर्धशतकीय पारियां खेली और दोनों ने पहले विकेट के लिए 134 रन जोड़े।
बड़े लक्ष्य के दबाव में मोहम्मद रिजवान (46) और सऊद शकील (30) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकें। लक्ष्य का पीछा करते हुए शफीक और इमाम ने पाक को ठोस शुरुआत दिलायी। दोनों ने शुरुआती 10 ओवर में संभल कर बल्लेबाजी करने के बाद कुछ करारे प्रहार किये।
12वें ओवर में पैट कमिंस (62 रन पर दो विकेट) की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी सीन एबोट ने शफीक का कैच टपका दिया और गेंद छह रन के लिए चली गयी।

इमाम ने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर जम्पा के खिलाफ चौका मारा जिससे पाकिस्तान के रनों का शतक पूरा हुआ। अगले ओवर में मैक्सवेल के खिलाफ शफीक ने एक रन और इमाम ने चौके के साथ अपना-अपना अर्धशतक पूरा किया।
विकेट की तलाश में कप्तान कमिंस ने गेंद स्टोइनिस को थमाई और इस गेंदबाज ने पहली ही गेंद पर शफीक की 61 गेंद में सात चौके और दो छक्के जड़ित पारी का अंत करने के बाद आने अगले ओवर में इमाम को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इमाम ने 71 गेंद में 10 चौके लगाये।
कप्तान बाबर आजम (18) ने क्रीज पर आते ही स्टोइनिस के खिलाफ दो चौके के साथ आक्रामक तेवर दिखाए, जम्पा की गेंद को वह कमिंस की हाथ में खेल बैठे।
पाक ने 30वें ओवर में शकील के चौके से 200 रन पूरे किये। रिजवान ने ग्लेन मैक्सवेल तो वही शकील ने मिशेल स्टार्क (65 रन पर एक विकेट) के खिलाफ दो चौके लगाकर जरूरी रन गति को ज्यादा नहीं बढ़ने दिया।
कमिंस ने 35वें ओवर में शकील की पारी को खत्म कर रिजवान के साथ चौथे विकेट के लिए उनकी 48 गेंद में 57 रन की साझेदारी को भी तोड़ा।
क्रीज पर आये इफ्तिखार अहमद (26) ने कमिंस के ओवर में दो छक्के और स्टोइनिस के खिलाफ एक छक्का जड़कर ऑस्ट्रेलियाई खेमे की चिंता बढ़ा दी, जम्पा ने अपनी फिरकी में उन्हें और रिजवान को फंसा कर पगबाधा किया और मैच पाक के हाथ से निकल गया।
इससे पहले यह विश्व कप इतिहास में सिर्फ चौथा मौका है जब दोनों सलामी बल्लेबाजों ने एक ही मैच में शतक बनाए।ऑस्ट्रेलिया एक समय 400 के स्कोर की तरफ बढ़ रही थी, शाहीन शाह अफरीदी (10 ओवर में 54 रन पर पांच विकेट) की अगुवाई में आखिरी 10 ओवरों में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से ऑस्ट्रेलिया को 370 रन के अंदर रोक दिया।
वॉर्नर ने इस दौरान 10 और 105 रन पर मिले दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए विश्व कप का अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया, मार्श ने भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का फायदा उठाते हुए आसानी से बड़े शॉट खेले।
पाक के गेंदबाजों ने भी शुरुआती ओवर में खराब गेंदबाजी की जिस पर रन बनाने में वॉर्नर और मार्श को कोई परेशानी नहीं हुई। पारी की शुरुआत में शाहीन की गेंद पर उस्मान मीर ने अगर वॉर्नर का कैच पकड़ लिया होता तो पाक को इतनी फजीहत का सामना नहीं करना पड़ता। इस समय वार्नर 10 रन पर थे, ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 22 रन था।
वॉर्नर ने बेखौफ बल्लेबाजी की। कप्तान बाबर आजम ने नौवें ओवर में विकेट की तलाश में गेंद हारिस राऊफ (83 रन पर तीन विकेट) को दी लेकिन वॉर्नर और मार्श ने इस ओवर से 24 रन बटोरे।
हसन अली की गेंदों को शुरुआती ओवरों में स्विंग मिल रहा था, बाद में वॉर्नर ने उनके खिलाफ आसानी से रन बनाये। इस दौरान उनका एक छक्का स्टेडियम की छत पर जा गिरा।
पाक ने इसके बाद उस्मान और बायें हाथ के स्पिनर मोहम्मद नवाज का सहारा लिया लेकिन टीम को कोई फायदा नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया ने 13वें ओवर में 100 और 30वें ओवर में 200 रन करने के बाद 41वें ओवर में 300 रन पूरे किये।
वार्नर ने उस्मान के खिलाफ एक रन के साथ पाकिस्तान के खिलाफ लगातार चौथा शतक पूरा किया और मैदान में उछल कर जश्न मनाया। अपना 32वां जन्मदिन मना रहे मार्श ने इसके बाद सैकड़ा पूरा किया।
मार्श शाहीन की गेंद में उस्मान को कैच देकर पवेलियन लौटे। शाहीन ने अगली गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल को खाता खोले बगैर चलता किया। मार्श और वार्नर विश्व कप में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाये। यह रिकॉर्ड 282 रन का है जो श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान और उपुल थरंगा ने 2011 विश्व कप में बनाया था।