डिकॉक का शतक व क्लासेन की पारी, दक्षिण अफ्रीका के 382 रन
क्विंटन डिकॉक (174 रन) के शतक और हेनरिक क्लासेन (90 रन) की पारी से दक्षिण अफ्रीका ने खराब शुरुआत से उबरकर बांग्लादेश के खिलाफ वनडे विश्व कप के मैच में यहां पांच विकेट पर 382 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया।
डिकॉक ने 140 गेंद पर 174 रन बनाकर अपना तीसरा शतक जड़ा। उनकी पारी में 15 चौके और सात छक्के है। उन्होंने कप्तान एडेन मार्कराम (69 गेंद पर 60 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन की साझेदारी करके टीम को शुरुआती झटकों से उबारा।
डिकॉक ने क्लासेन के साथ चौथे विकेट के लिए 87 गेंद पर 142 रन जोड़े। क्लासेन ने 49 गेंद पर 90 रन बनाए, जिसमें दो चौके और आठ छक्के है।

उन्होंने डेविड मिलर (15 गेंद पर नाबाद 34) के साथ 25 गेंद पर 65 रन की साझेदारी की। इससे दक्षिण अफ्रीका अंतिम 10 ओवर में 144 रन जोड़ने में सफल रहा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरे दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही तथा उसने रीजा हेंडरिक्स (12) और रासी वान डेर डुसेन (01) के विकेट जल्दी गंवा दिए।
हेंडरिक्स शुरू में मिले जीवन दान का फायदा नहीं उठा पाए और शोरिफुल इस्लाम की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौटे। मेहदी हसन मिराज ने अगले ओवर में डेर डुसेन को पगबाधा आउट करके दक्षिण अफ्रीका का स्कोर दो विकेट पर 36 रन कर दिया।
पहले 10 ओवर में बांग्लादेश का दबदबा रहा, इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की तूती बोली। बांग्लादेश के स्पिनरों ने शुरू में उनको दबाव में रखा, डिकॉक जैसे बल्लेबाज को लंबे समय तक मौन नहीं रखा जा सकता था।
उन्होंने कप्तान शाकिब अल हसन पर छक्का मारकर खामोशी तोड़ी, महमुदुल्लाह पर रिवर्स स्वीप से लगाया गया उनका छक्का दर्शनीय था। मार्कराम ने इस बीच सहयोगी की भूमिका अच्छी तरह से निभाई। उन्होंने मिराज पर चौका लगाकर अपने वनडे करियर का नौवां अर्धशतक पूरा किया।
मार्कराम शाकिब की गेंद पर एक हाथ से लॉफ्टेड शॉट लगाने के प्रयास में लॉन्ग ऑफ पर कैच दे बैठे। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके मारे। डिकॉक वानखेड़े स्टेडियम के अपने पसंदीदा मैदान पर लंबी पारी खेलने के लिए प्रतिबद्ध थे। उन्होंने ठीक 100 गेंद पर वर्तमान टूर्नामेंट का अपना तीसरा और वनडे करियर का 20वां शतक पूरा किया।
उन्होंने अधिक तेजी दिखाकर शोरिफुल पर छक्का लगाया तथा शाकिब के एक ओवर में दो छक्के और दो चौके जड़कर 22 रन बटोरे। जब लग रहा था कि डिकॉक वनडे में अपना पहला दोहरा शतक मारने में सफल रहेंगे तब उन्होंने हसन महमूद (67 रन देकर दो विकेट) की गेंद बैकवर्ड प्वाइंट पर उछाल दी जहां नासुम अहमद ने उसे बड़ी खूबसूरती से कैच में बदल दिया।
क्लासेन को देखकर लग रहा था कि वह इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में खेली गई अपनी 109 रन की पारी को ही आगे बढ़ा रहे है। उन्होंने शुरू से आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने मुस्तफिजुर रहमान के एक ओवर में दो छक्के और एक चौका मारा, मिलर ने शोरिफुल के ओवर में यही कारनामा दिखाया।
क्लासेन हसन महमूद के धीमे बाउंसर पर स्वीपर कवर पर कैच देने के कारण अपना लगातार दूसरा शतक पूरा नहीं कर पाए। मिलर ने अपनी पारी में एक चौका और चार छक्के लगाए।