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एंजेलो मैथ्यूज इंटरनेशनल क्रिकेट में टाइम आउट से विकेट गंवाने वाले पहले बल्लेबाज

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप के मैच में श्रीलंकाई बल्लेबाज एंजेलो मैथ्यूज के विकेट जाने पर खासा हंगामा मच गया है। दरअसल ‘टाइम आउट’ के चलते अंपायरों ने उन्हें बिना कोई गेंद खेले पवेलियन वापस भेज दिया।

साभार : गूगल

इस मुद्दे पर फोर्थ अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक बताते है कि, नियमों के अनुसार वह तय समय के अंदर गेंद खेलने को तैयार नहीं थे क्योंकि उनके हेलमेट का स्ट्रैप टूट गया था और उससे पहले ही दो मिनट ख़राब हो चुके थे।

इसके बाद मैथ्यूज को आउट दिया गया। ये इंटरनेशनल क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ की पहली घटना है। इस बारे में आईसीसी ने अपने सोशल मीडिया पर फोर्थ अंपायर के इस बयान का वीडियो पोस्ट किया है।

वीडियो में वह बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं ‘आईसीसी वर्ल्ड कप प्लेइंग कंडीशन में मेशन किया गया है कि जब टाइम आउट की बारी आती है, विकेट गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के बाद, नए बल्लेबाज या फिर मैदान पर मौजूद बल्लेबाज को अगले दो मिनट के अंदर गेंद खेलने के लिए पोजिशन लेनी होती है।

प्रोटोकॉल के मुताबिक़, टीवी अंपायर विकेट गिरने के बाद ये दो मिनट कैलकुलेट करता है। वह अंपायर को मैसेज देता है। आज जो घटना घटी उसमें बल्लेबाज दो मिनट के अंदर गेंद खेलने की पोजिशन में नहीं था। इससे पहले उनके हेलमेट के स्ट्रैप में दिक्कत हुई थी।

साथ ही फोर्थ अंपायर ने यह भी बताया कि हेलमेट का स्ट्रैप टूटने से पहले ही मैथ्यूज अपने दो मिनट पूरे कर चुके थे। जब उनसे पूछा गया कि ‘टाइम आउट’ की अपील कौन कर सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा ‘प्लेइंग कंडीशन के नियमों के अनुसार, फील्डिंग कैप्टन मैदान पर मौजूद अंपायर से टाइम आउट की अपील कर सकता है। इस घटना में भी ऐसे ही हुआ, स्ट्रैप टूटने के बाद फील्डिंग कैप्टन ने टाइम आउट की अपील की।

उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाज होने के नाते आपको मैदान पर आने से पहले अपने सब इक्विपमेंट की जांच करनी चाहिए कि वह सही है या नहीं, क्योंकि आपको अगले 2 मिनट के अंदर गेंद का सामना करना होता है।

इन दो मिनट में आपको तैयार होना या गार्ड लेना नहीं होता। आपको वहां 15 सेकंड में पहुंचना चाहिए ताकि आप गेंद खेलने से पहले चैक कर सकें कि सभी चीजें ठीक है या नहीं।