शंटो-शाकिब के अर्धशतक, बांग्लादेश 3 विकेट की जीत से होड़ में कायम
नजमुल हुसन शंटो (90 रन), कप्तान शाकिब अल हसन (82 रन) के अर्धशतक के बाद तंजीम हसन (तीन विकेट) की गेंदबाजी से यहां बांग्लादेश ने श्रीलंका को तीन विकेट से मात देकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया और अपनी चैंपियन्स ट्रॉफी में जगह बनाने की उम्मीद जीवंत रखी।
वर्ल्ड कप
बांग्लादेश ने इस जीत के साथ छह हार के क्रम को भी तोड़ दिया। टीम आठ मैच में दो जीत से चार अंक के साथ सातवें पायदान पर आ गई है।

श्रीलंका आठ मैच में दो जीत से चार अंक के साथ आठवें पायदान पर है। पाकिस्तान और आईसीसी वर्ल्ड कप की शीर्ष सात टीम पाकिस्तान में 2025 में होने वाली चैंपियन्स ट्रॉफी के लिए क्वालीफाई करेंगी।
श्रीलंका के 280 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने शंटो (90 रन, 101 गेंद, 12 चौके) और शाकिब (82 रन, 65 गेंद, 12 चौके, दो छक्के) के बीच तीसरे विकेट की 149 गेंद में 169 रन की साझेदारी से 41.1 ओवर में सात विकेट पर 282 रन बनाकर जीत दर्ज की।
यह साझेदारी श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में बांग्लादेश की किसी भी विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। श्रीलंका के लिए दिलशान मदुशंका (69 रन पर तीन विकेट), एंजेलो मैथ्यूज (39 रन पर दो विकेट) और महीश तीक्षणा (44 रन पर दो विकेट) ने उम्दा गेंदबाजी की, टीम को हार से नहीं बचा सके।

श्रीलंका से चरिथ असलंका (105 गेंद में 108 रन, पांच छक्के, छह चौके) के करियर के दूसरे शतक के बावजूद 49.3 ओवर में 279 रन पर ढेर हो गई। असलंका ने धनंजय डिसिल्वा (34) के साथ छठे विकेट के लिए 78 और सदीरा समरविक्रम (41) के साथ चौथे विकेट के लिए 63 रन जोड़े।
बांग्लादेश से तेज गेंदबाज तंजीम हसन ने 80 रन देकर तीन विकेट झटके। शरीफुल इस्लाम (52 रन पर दो विकेट) और कप्तान शाकिब अल हसन (57 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट झटके। मैच के दौरान विवाद भी हो गया जब श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज (00) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। तंजीद हसन (09) पारी के तीसरे ओवर में ही तेज गेंदबाज दिलशान मदुशंका की गेंद पर निसांका को आसान कैच थमा बैठे। लिटन दास भी भाग्यशाली रहे जब फाइन लेग पर कुसाल परेरा ने उनका कैच टपका दिया।
लिटन ने कासुन रजिता पर दो छक्के मारे, मदुशंका ने उन्हें पगबाधा किया। उन्होंने 23 रन बनाए। शाकिब सात रन पर मैथ्यूज की गेंद पर असलंका ने शॉर्ट एक्सट्रा कवर पर उनका कैच टपका दिया।
शाकिब ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए दुष्मंता चमीरा के ओवर में छक्का और चौका मारा। उन्होंने तीक्षणा पर दो चौके मारे, नजमुल हसन शंटो ने रजिता पर दो चौकों के साथ 18वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया।
शंटो ने मैथ्यूज पर दो चौकों के साथ 59 गेंद में अर्धशतक पूरा किया, शाकिब ने चमीरा पर चौके के साथ 47 गेंद में यह रिकॉर्ड बनाया। शाकिब ने पारी के 30वें ओवर में रजिता को निशाना बनाते हुए उनकी लगातार गेंदों पर छक्का और दो चौके मारकर टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया।
मैथ्यूज ने शाकिब को मिड ऑफ पर असलंका के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। मैथ्यूज ने अपनी कलाई की ओर इशारा किया। मानो शाकिब से कह रहे हों उनके जाने का समय आ गया।
शंटो मैथ्यूज की गेंद को विकेटों पर खेल गए जिससे बांग्लादेश का स्कोर चार विकेट पर 211 रन हो गया। मदुशंका ने मुशफिकुर रहीम (10) को आउट किया, तीक्षणा ने महमूदुल्लाह (22) के विकेट बिखेकर बांग्लादेश को छठा झटका दिया।
बांग्लादेश को जीत के लिए 69 गेंद में 25 रन की दरकार थी। तौहीद हृदय (नाबाद 15) ने हालांकि टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। शाकिब ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। शरीफुल ने पहले ही ओवर में कुसाल परेरा (04) को पवेलियन भेजा, जिनका विकेटकीपर मुश्फिकुर रहीम ने बाईं ओर गोता लगाते हुए शानदार कैच लपका।
निसांका (41) अच्छी लय में दिखे। उन्होंने शरीफुल के दो ओवर में चार चौके मारे, तंजीम का स्वागत दो चौकों के साथ किया। कप्तान कुसाल मेंडिस (19) ने धीमी शुरुआत की और 14वीं गेंद पर एक रन के साथ खाता खोला।
मेंडिस ने तंजीम पर पारी का पहला छक्का मारा, शाकिब के अगले ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर शरीफुल को कैच दे बैठे। निसांका तंजीम के अगले ओवर में गेंद को विकेटों पर खेल गए जिससे श्रीलंका का स्कोर 13वें ओवर में तीन विकेट पर 72 रन हो गया।
समरविक्रम और असलंका ने इसके बाद पारी को संभाला। असलंका ने शाकिब और तंजीम पर छक्के मारे। समरविक्रम ने मेहदी हसन मिराज पर लगातार दो चौकों के साथ 18वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।
समरविक्रम अच्छी लय में दिख रहे थे तब शाकिब की गेंद पर महमूदुल्लाह को कैच थमा बैठे। उन्होंने 42 गेंद का सामना करते हुए चार चौके मारे।
एंजेलो मैथ्यूज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने। मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया।
उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया, इसमें दो मिनट से ज्यादा का समय लग गया। शाकिब ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया। इससे श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर 135 रन हो गया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहली बार हुआ जब अगली गेंद फेंके जाने से पहले ही दूसरा बल्लेबाज आउट हो गया। असलंका ने तंजीम पर चौके के साथ 56 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में दो चौके भी मारे।
धनंजय असलंका का अच्छा साथ निभा रहे थे। उन्होंने शाकिब पर छक्का मारा, मेहदी हसन मिराज की गेंद को आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में स्टंप हो गए।
असलंका ने तीक्षणा के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने 45वें ओवर में टीम का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाया। तीक्षणा 31 गेंद में 22 रन बनाने के बाद शरीफुल की गेंद पर थर्ड मैन पर स्थानापन्न खिलाड़ी नासुम अहमद को कैच देकर पवेलियन लौटे।
असलंका ने 48वें ओवर में शरीफुल की गेंद पर चौका और दो रन के साथ 101 गेंद में शतक पूरा किया। उन्होंने अगले ओवर में तंजीम पर छक्का मारा, अगली गेंद पर लिटन दास को कैच दे बैठे। तंजीम ने इसी ओवर में कासुन रजिता (00) को आउट किया और दुष्मंता चमीरा (04) के रन आउट होने से श्रीलंका की पारी का अंत हुआ।