खिताब दिलाने के साथ कोच के कार्यकाल के समापन की द्रविड़ की चाह
मुख्य कोच राहुल द्रविड़ 2007 वर्ल्ड कप में उस टीम के कप्तान थे जो शुरूआती दौर में बाहर हुई थी जिससे अब वह रविवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में इसकी भरपायी करना चाहेंगे।
द्रविड़ के नाम वनडे में 10,889 रन है, भारतीय कप्तान के तौर पर 2007 वर्ल्ड कप से उनकी विरासत में जो दाग लगा, उसे कोच के तौर पर वह 16 वर्ष बाद मिटाना चाह रहे होंगे जब उनके खिलाड़ी आस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप फाइनल में उतरेंगे।
भारतीय कोच के रूप में उनके दो वर्ष के अनुबंध का अंतिम दिन भी रविवार ही है। उनका अनुबंध संयुक्त अरब अमीरात में टीम के 2021 टी20 विश्व कप के ग्रुप लीग के बाहर होने के बाद शुरू हुआ था।

अगर भारत जीत जाता है तो उन्हें इस पद पर बरकरार रखने के लिए शोर होगा, जो भी द्रविड़ को जानता है, वो कहेगा कि वह इस खिताबी जीत पर बहुत गौरवान्वित होंगे।
भारत में उनके एक पूर्व साथी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘जैमी (राहुल का निकनेम) ऐसा है जो स्वाभिमानी है। उन्होंने 2007 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तानी नहीं छोड़ी थी, कुछ महीनों के बाद इंग्लैंड में श्रृंखला जीती थी और वनडे श्रृंखला भी अच्छी रही थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इंग्लैंड में टेस्ट जीत के बाद ही वह पद से हटे। यहां भी अगर भारत जीतता है तो बीसीसीआई उन्हें नया अनुबंध पेश कर सकता है।