पीटी उषा को उम्मीद, एनएसएफ ने ओलंपिक से पहले तैयार कर लिया होगा खाका
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) ने पेरिस खेल में जाने वाले प्लेयर्स की ट्रेनिंग सह टूर्नामेंट का खाका तैयार कर लिया होगा क्योंकि उनकी सफलता के लिए ‘उचित योजना बनाना’ महत्वपूर्ण है।
उषा ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘उचित योजना बनाना महत्वपूर्ण है जिससे कि ओलंपिक खेल से पहले तैयारी के सभी पहलुओं का ध्यान रखा जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘सभी एनएसएफ ने अगले वर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव सह टूर्नामेंट योजना के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया होगा।

ओलंपिक से पहले डोपिंग उल्लंघन से बचने के लिए आईओए अपने कोर समूह के प्लेयर्स को डोपिंग रोधिंग नियमों पर शिक्षित करने के लिए विशेष सेमिनार का आयोजन भी करेगा। इस सेमिनार का आयोजन आगामी महीनों में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के सहयोग से किया जाएगा।
उषा ने कहा, ‘‘हम ओलंपिक खेल के लिए जाने वाले प्लेयर्स को डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के बारे में शिक्षित करना चाहते हैं जिससे कि खेलों के दौरान उचित अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘आईओए ने खेलों की अखंडता को बनाए रखने के लिए सख्त डोपिंग रोधी उपाय किए हैं।
यह पूछे जाने पर कि आईओए खेलों की तैयारी के लिए प्लेयर्स को कैसे समर्थन दे रहा है, उन्होंने कहा, ‘‘खेलों के दौरान अच्छी प्रशिक्षण सुविधाएं होना महत्वपूर्ण है। आईओए यह भी सुनिश्चित करेगा कि प्लेयर्स के पास चोटों से बचने और स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त खेल विज्ञान बैकअप हो।
अक्टूबर में मुंबई में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सत्र के दौरान उषा ने आईओसी प्रमुख थॉमस बाक के साथ भविष्य में भारत में ओलंपिक की मेजबानी की संभावना पर भी चर्चा की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि भारत के पीएम ने ऐलान किया था कि 2030 में युवा ओलंपिक और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की बोली से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर यह एक अच्छी और स्वस्थ चर्चा थी।
उषा इस बात को लेकर भी सकारात्मक थीं कि कई निजी कंपनियां और राज्य सरकारें खेलों में निवेश कर रही हैं जिससे देश में खेलों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि खेल मंत्रालय की खेलो इंडिया परियोजना उभरते हुए प्लेयर्स के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अच्छा मंच साबित हुई है।