जूनियर विश्व चैंपियनशिप : भारतीय मुक्केबाजों ने आठ और पदकों पर लगाई मुहर
एशियाई जूनियर विजेता निशा (52 किग्रा) और आकांक्षा (70 किग्रा) ने अर्मेनिया के येरेवान में जारी आईबीए जूनियर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनायी जिससे आठ भारतीयों ने पदक पक्के कर लिये।
भारत की लड़कियों ने दबदबे भरा प्रदर्शन दिखाया जिससे दिन में रिंग में उतरी सभी पांच मुक्केबाजों ने अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। आकांक्षा ने उज्बेकिस्तान की कुरबोनबोएवा रेहोना को 4-1 के विभाजित फैसले में हराया। निशा ने आयरलैंड की ग्रेस कॉनवे को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले में हराया।

श्रुष्ठि ने 63 किग्रा वजन वर्ग के दूसरे राउंड में रूस की मारिया काजाओवा पर रैफरी के द्वारा मैच रोकने (आरएससी) से जीत दर्ज की। कृतिका (75 किग्रा) ने मेक्सिको की मेलेंडेज सांचेज को पहले राउंड में आरएससी से हराया।
विन्नी (57 किग्रा) ने त्रिनिदाद एवं टोबैगो की नुनेज नाईओमी के वॉकओवर से सेमीफाइनल में एंट्री ली। लड़कों के वर्ग में नतीजे मिले जुले रहे जिसमें पांच में से तीन मुक्केबाजों ने अंतिम चार में जगह बनाई।
हेमंत सांगवान (80 किग्रा से अधिक) और सिकंदर (48 किग्रा) ने क्रमश: बुल्गारिया के बाचेवस्की रोसेलिन को और किग्रिस्तान के उर्मानोव रामजिदिन को 5-0 के समान अंतर से हराया। 75 किग्रा के क्वार्टरफाइनल में साहिल ने उज्बेकिस्तान के रूसलन इसानोव के खिलाफ 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की।
एम कबीराज सिंह (63 किग्रा) और राहुल कुंडु (70 किग्रा) को क्वार्टर फाइनल में हार मिली। इन आठ और पदक से भारत के कुल पदकों की संख्या 17 हो गयी है। मेघा (80 किग्रा) ने पहले दो दौर में बाई मिलने से पदक पक्का किया।