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एलएलसी कमिश्नर ने श्रीसंत को भेजा कानूनी नोटिस

लीजेंड्स लीग क्रिकेट में गौतम गंभीर के साथ हुए झगड़े के बाद पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत काफी गुस्सा हैं। उन्होंने अपनी भड़ास सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट से निकाली।

इस दौरान उन्होंने बताया कि गंभीर ने उन्हें मैच के दौरान ‘फिक्सर’ बोला था। हालांकि, अब उन्हें इन वीडियो को पोस्ट करने का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दरअसल, एक चैनल की खबर के अनुसार एलएलसी कमिश्नर ने इस तेज गेंदबाज को कानूनी नोटिस भेजा है।

श्रीसंत को भेजे गए नोटिस में बोला गया है कि इस तेज गेंदबाज ने टूर्नामेंट के दौरान प्लेयर्स के कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया है। यह भी मेंशन किया गया है कि श्रीसंत से बातचीत तभी होगी जब वह सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किए गए वीडियो हटा देंगे।

इस विवाद में अंपायरों ने अपनी रिपोर्ट भेजी है, श्रीसंत के उन्हें ‘फिक्सर’ कहने के दावे के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है। बता दें बुधवार (6 दिसंबर) को इंडियन कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स के बीच एलिमिनेटर मैच के दौरान श्रीसंत और उनके पूर्व साथी गंभीर के बीच तीखी बहस हुई थी।

विश्व कप विजेता प्लेयर्स को अलग करने के लिए अंपायर को हस्तक्षेप करना पड़ा। श्रीसंत ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर लाइव आकर कहा, ”वह लाइव टीवी पर मुझे ‘फिक्सर फिक्सर’ कहता रहा, तुम फिक्सर हो। श्रीसंत ने बोला, ”मैंने सिर्फ यही कहा, आप क्या कह रहे हो। मैं मजाकिया अंदाज में हसंता रहा। जब अंपायर उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने उनसे भी इसी भाषा में बात की।

श्रीसंत पर इंडियन प्रीमियर लीग 2013 में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में उनकी कथित लिप्तता के कारण बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने आजीवन बैन लगाया था। उच्चतम न्यायालय ने 2019 में इस बैन को घटाकर सात साल का कर दिया था।

उन्होंने कहा, ”मैंने किसी अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया। कृपया सच का समर्थन करें। वह कई लोगों के साथ ऐसा करता रहा है। मुझे नहीं पता कि उसने यह क्यों शुरू किया और यह ओवर के अंत में हुआ।

उन्होंने बोला, ”अब उनके लोग कह रहे हैं कि उन्होंने ‘सिक्सर सिक्सर’ बोला है, उन्होंने बोला ‘यू फिक्सर’ तू फिक्सर है। यह बात करने का तरीका नहीं है। मैं इस घटना को यहीं खत्म करने का सोच रहा हूं, उनके लोग उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप ‘एक्स्ट्रा पेड पीआर वर्क’ (अतिरिक्त भुगतान पर जनसंपर्क करने वाले) के झांसे में नहीं आए।