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केपटाउन टेस्ट : भारत बना 7 विकेट से दक्षिण अफ्रीका को हराने वाली पहली एशियाई टीम

भारत ने दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को 7 विकेट से मात देकर दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी कर ली। टीम केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका को टेस्ट में हराने वाली पहली एशियाई टीम बनी।

मोहम्मद सिराज को पहली पारी में उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहली पारी में 15 रन देकर 6 विकेट लिये थे। डीन एल्गर और जसप्रीत बुमराह को संयुक्त रुप से मैन ऑफ द सीरीज चुना गया।

@BCCI

यह मैच 642 गेंदों तक चला और बॉल के हिसाब से छोटा मैच बन गया। 1932 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच बॉल के हिसाब से छोटा टेस्ट हुआ था, जो 656 गेंदों तक चला था। यह मैच ऑस्ट्रेलिया ने पारी व 72 रन ने जीता था।

दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में पहली पारी में 36 और दूसरी पारी में 45 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 153 रन बनाए थे। इस मैच में 109.2 ओवर डाले थे।

इस मैच में दक्षिण अफ्रीका पहले बल्लेबाजी करते हुए 55 रन पर ढेर हुई थी, जवाब में भारत ने पहली पारी में 153 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 98 रन की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका ने 176 रन बनाए और भारत को 79 रन का लक्ष्य दिया।

79 रन के लक्ष्य का पीछा करने आई टीम इंडिया से यशस्वी और रोहित ने तेज और सधी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने टेस्ट क्रिकेट में टी-20 की तरह बल्लेबाजी की और 5.3 ओवर में 44 रन जोड़े। छठे ओवर में नांद्रे बर्गर ने यशस्वी को आउट कर भारत को पहला झटका दिया। यशस्वी ने 23 गेंदों पर 6 चौकों से 28 रन बनाए।

नौवें ओवर में 57 रन पर रबाडा ने शुभमन को आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया। गिल ने 11 गेंदों पर 2 चौकों से 10 रन बनाए। 12वें ओवर में 75 रन पर मार्को यान्सन ने विराट को आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया। कोहली ने 12 रन बनाए।

यान्सन के इसी ओवर के अंतिम गेंद पर श्रेयस अय्यर ने चौका मारकर भारत को जीत दिलाई। कप्तान रोहित 17 और अय्यर 04 रन बनाकर नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका से कागिसो रबाडा, नान्द्रे बर्गर और मार्को यान्सन ने 1-1 विकेट लिया।

इससे पहले एडन मार्करम (106) के शतक से दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 176 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर 98 रन से पीछे रही दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत पहली पारी से बेहतर रही।

एडन मार्करम और कप्तान डीन एल्गर ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़े। इसी स्कोर पर मुकेश कुमार ने एल्गर को कोहली के हाथों कैच आउट कराया। एल्गर का बतौर बल्लेबाज टेस्ट करियर समाप्त हो गया। एल्गर ने अपने अंतिम टेस्ट पारी में 12 रन बनाए। 41 रन पर मुकेश ने टोनी डी जॉर्जी (01) को चलता कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई।

बुमराह ने 45 रन पर ट्रिस्टन स्टब्स (01) को आउट कर भारत को तीसरी सफलता दिलाई। यहां से बुमराह का जादू चला और अफ्रीकी बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटने लगे और दक्षिण अफ्रीका ने 111 रन पर 7 विकेट खो दिये।

मार्करम ने 99 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद मार्करम सिराज की गेंद पर रोहित को कैच दे बैठे। उन्होंने 103 गेंदों पर 17 चौकों और 2 छक्कों से 106 रन बनाए। मार्करम के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका की पारी को समेटने में ज्यादा टाइम नहीं लिया और पूरी टीम 176 रन पर ढेर हो गयी और भारत को जीत के लिए 79 रन का लक्ष्य मिला।

भारत से दूसरी पारी में बुमराह ने 6, मुकेश कुमार ने 2, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने 1-1 विकेट लिया। लुंगी एनगिडी और कागिसो रबाडा की घातक गेंदबाजी से दक्षिण अफ्रीका ने भारत की पहली पारी 153 रन पर रोक दी।

इन दोनों गेंदबाजों ने भारत के अंतिम 6 विकेट बिना कोई रन दिये झटक लिये। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 55 रन बनाए थे। भारत ने पहली पारी के आधार पर 98 रन की बढ़त हासिल की है। दूसरी पारी में भारत की शुरुआत खराब रही और यशस्वी 17 रन पर बिना खाता खोले रबाडा की गेंद पर आउट हो गए।

रोहित और शुभमन ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। 72 रन पर नांद्रे बर्गर ने रोहित को चलता किया। रोहित ने 39 रन बनाए। 105 रन पर शुभमन 36 रन बनाकर बर्गर का दूसरा शिकार बने। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले बर्गर का तीसरा शिकार बने। केएल राहुल और विराट ने पांचवे विकेट के लिए 43 रन जोड़े।

153 रन पर राहुल 8 रन बनाकर एनगिडी के शिकार बने। एनगिडी और कागिसो रबाडा ने भारतीय पारी को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया और पूरी टीम 153 रन पर ढेर हो गयी। भारत के 6 बल्लेबाजों ने खाता नहीं खोला।

इससे पहले मोहम्मद सिराज (9 ओवर 15 रन 6 विकेट) की घातक गेंदबाजी से भारत ने दूसरे और अंतिम टेस्ट के पहले दिन लंच से पहले दक्षिण अफ्रीका को 55 रन पर ढेर कर दिया। भारत के खिलाफ टेस्ट में यह दक्षिण अफ्रीका का कम स्कोर है। सिराज के अलावा बुमराह और मुकेश कुमार ने दो-दो विकेट झटके।

इस मैच में अपना अंतिम टेस्ट खेल रहे दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक कप्तान डीन एल्गर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। उनका यह फैसला भारतीय गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने पूरी तरह से गलत साबित किया।

उन्होंने मैच के चौथे ओवर में एडन मार्करम (02) को स्लिप में यशस्वी के हाथों कैच कराकर विकेट लेने का सिलसिला शुरु किया और 47 रन तक पहुंचते-पहुंचते मैच में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला।

उन्होंने इस दौरान 9 ओवर डाले और तीन मेडन देते हुए 6 विकेट झटके। सिराज के अलावा बुमराह और अपना पहला टेस्ट खेल रहे मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट झटके। दक्षिण अफ्रीका से डेविड बेंडिंगहम (12) और विकेटकीपर काइल वेरायाने (15) ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके।