बाई भारत के 28 प्रतिभाशाली शटलरों को ऐसे देगा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, पढ़े रिपोर्ट
नई दिल्ली : भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) आरईसी के सपोर्ट से, देश के 28 प्रतिभाशाली शटलरों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए फंडिंग करेगा ताकि उन्हें रैंकिंग में सुधार करने में मदद मिल सके और उन्हें विदेशी अनुभव भी प्रदान किया जा सके, जो उनके लिए बेहद जरूरी है।
इससे इन खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर के अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिल सकेगा। बैडमिंटन में ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा नहीं होने के बावजूद बीडब्ल्यूएफ विश्व रैंकिंग में 26 से 75 के बीच रैंक वाले शीर्ष खिलाड़ी और सीनियर नेशनल में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले इससे लाभान्वित होंगे।
इस फैसले के तहत हाल ही में आयोजित सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के चमकदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ बीडब्ल्यूएफ विश्व रैंकिंग में 26 से 75 वें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी ( जो राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन पहले से ही प्रतिभा की झलक दिखा चुके हैं) लाभान्वित होंगे।

अबू धाबी मास्टर्स चैंपियन उन्नति हुड्डा और तन्वी, 2023 बैडमिंटन एशिया अंडर-17 जूनियर चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता शर्मा, उन 28 खिलाड़ियों में शामिल किया गया है, जिन्हें कई टूर्नामेंटों में उनके अच्छे प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। इन खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से फंडिंग की जाएगी।

बीएआई के सचिव संजय मिश्रा ने कहा, “भारतीय बैडमिंटन संघ यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि होनहार प्रतिभाओं को राष्ट्रीय कैंपर के रूप में अपनी क्षमता दिखाने के लिए बहुत जरूरी सपोर्ट मिले, भले ही वे राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा न हों।
आरईसी के साथ हमारी साझेदारी हमें इन अवसरों को व्यापक आधार देने में मदद करेगी और इससे इन शटलरों को कई अंतरराष्ट्रीय चैलेंजर इवेंट्स के साथ-साथ सुपर 300 में भाग लेने के लिए अधिक से अधिक अवसर मिलेगा।

इससे उनकी रैंकिंग बेहतर होगी और साथ ही विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अनुभव भी मिलेगा। यह पहल अधिक से अधिक खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमताओं को दिखाने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा करने और राष्ट्रीय बैडमिंटन इकोसिस्टम से लाभ उठाने के लिए मजबूत अवसर पैदा करने के हमारे लक्ष्यों के अनुरूप है।
यह अवसर वर्तमान वरिष्ठ राष्ट्रीय एकल चैंपियन चिराग सेन और अनमोल खरब के साथ-साथ उपविजेता थारुन मन्नेपल्ली और 15 वर्षीय तन्वी शर्मा (जो इतिहास के सबसे कम उम्र के फाइनलिस्टों में से एक हैं) को भी दिया गया है। इसके अलावा युगल राष्ट्रीय चैंपियन सूरज गोला और पृथ्वी रॉय के साथ-साथ प्रिया कोन्जेंगबाम और श्रुति मिश्रा को भी शामिल किया गया है।

चुने गए खिलाड़ियों को कुल आठ टूर्नामेंटों में से दो सुपर 300 इवेंट (ऑरलियन्स मास्टर्स और स्विस ओपन) सहित तीन टूर्नामेंट चुनने का विकल्प दिया गया है, और इसके लिए बीएआई प्रत्येक शटलर को पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।