अल्टीमेट खो-खो 2 : तेलुगू योद्धाज को 20 अंक से हराकर टेबल टापर बना गुजरात जायंट्स
कटक। गुजरात जायंट्स ने एक बहुत बड़ी जीत के साथ अल्टीमेट खो खो के दूसरे सीजन की अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। गुजरात की टीम ने अपने डिफेंस के दम पर यहां के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुई वर्चस्व की लड़ाई में तेलुगू योद्धाज को 42-22 के अंतर से हरा दिया।
गुजरात की यह नौ मैचों में छठी जीत है जबकि योद्धाज को 10 मैचो में चौथी हार मिली है। इस परिणाम का हालांकि दोनों टीमों के आगे के सफर पर कोई असर नहीं होगा क्योंकि दोनो सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।

इनके अलावा ओडिशा जगरनाट्स और चेन्नई क्विक गन्स भी अंतिम-4 दौर का टिकट कटा चुके हैं। यहां बताना जरूरी है कि गुजरात ने इसी सीजन में इससे पहले योद्धाज को 17 अंक से हराया था।
टास जीतकर डिफेंस का फैसला करने वाली गुजरात ने पावरप्ले का सामना करने के लिए अक्षय, विनायक और राम को उतारा। विनायक जल्दी आउट हुए लेकिन अक्षय और राम ने दो ड्रीम रन पूरे किए।

अक्षय की विदाई के बाद राम ने तीन और ड्रीम रन लगाते हुए योद्धाज की रणनीति पर पानी फेर दिया। अब 1.49 मिनट बचे थे और दूसरे बैच में कबिलन, गावारा और अर्नव आए। इस बैच से सिर्फ एक खिलाड़ी आउट हुआ। इस टर्न में योद्धाज सिर्फ चार शिकार कर सके जबकि गुजरात ने पांच अंक डिफेंस में जुटाए।
अब अटैक की बारी गुजरात की थी। प्रसाद, लिपुन और अरुण डिफेंस के लिए आए। 2.15 मिनट में प्रसाद का शिकार करने के साथ गुजरात लीड में आ गए लेकिन अरुण ने 4.51 मिनट मैट पर बिताते हुए चार ड्रीम रन के साथ समीकरण बदल दिए।
दूसरे बैच में मैथलम, विजयभाई और अनुकूल आए। इस बैच को 1.24 मिनट में आउट कर गुजरात ने पांच अंक की लीड ले ली। अब 42 सेकेंड बचे थे और तीसरे बैच से भी एक शिकार कर गुजरात सात अंक की लीड के साथ ब्रेक पर गए।
ब्रेक के बाद योद्धाज ने पावरप्ले से शुरुआत की लेकिन वह गुजरात के पहले बैच के दीपक को ड्रीम रन से नहीं चूक गई। दीपक एक सेकेंड से तीसरा ड्रीम रन चूक गए। गुजरात के पास अभी भी 2 अंक की लीड थी, हालांकि सलीम को आउट कर योद्धाज ने 20-20 की बराबरी कर ली। रवि ने हालांकि दो ड्रीम रन के साथ स्कोर 22-22 तक ला दिया।
इसका मतलब यह था कि चौथे टर्न में गुजरात को जीत के लिए सिर्फ एक शिकार की जरूरत थी और वह भी सात मिनट में। गुजरात की टीम ने पौने दो मिनट में पहले बैच को निपटाकर 28-22 की लीड के साथ अपनी जीत सुनिश्चित कर ली। इसके बाद जो हुआ वह महज औपचारिकता था।