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ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 विश्व कप चैंपियन, भारत का सपना टूटा

ऑस्ट्रेलिया ने तीन महीने के अंदर दूसरी बार भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का दिल तोड़कर यहां फाइनल में 79 रन से जीत दर्ज करके चौथी बार अंडर-19 विश्व कप जीता। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 253 रन बनाया। जवाब में भारत ने 43.5 ओवर में 174 रन बनाकर आउट हो गई।

ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम ने पिछले साल 19 नवंबर को अहमदाबाद में हुए वनडे विश्व कप के फाइनल में भारत को हराकर उसका आईसीसी ट्रॉफी जीतने का इंतजार बढ़ा दिया था।

अब उसकी जूनियर टीम ने पिछली बार के विजेता भारत को छठी बार अंडर-19 विश्व कप नहीं जीतने दिया। यह पहला अवसर है, भारत को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।

@ICC

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी की। टीम से हरजस सिंह (64 गेंद पर 55 रन, तीन चौके, तीन छक्के), हैरी डिक्सन (56 गेंद पर 42 रन), कप्तान ह्यू वीबगेन (66 गेंद पर 48 रन) और ओलिवर पीक (43 गेंदों पर नाबाद 46) ने उपयोगी योगदान दिया।

भारत से तेज गेंदबाज राज लिंबानी ने और 38 रन देकर तीन विकेट, बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नमन तिवारी ने नौ ओवर में 63 रन देकर दो विकेट लिए। पिच से असमान उछाल मिल रही थी और ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला सही साबित हुआ। भारतीय बल्लेबाज परिस्थितियों से सामंजस्य नहीं बिठा पाए।

भारत के चार बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिसमें सलामी बल्लेबाज आदर्श सिंह (47) और निचले क्रम के बल्लेबाज मुरूगन अभिषेक (42) भी हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए तेज गेंदबाज माहलि बीयर्डमैन ने सात ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट, कैलम विडलर ने 35 रन दे कर दो विकेट लिए।

ऑफ स्पिनर रैफ मैकमिलन ने 43 रन देकर तीन विकेट लेकर अच्छा योगदान दिया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने तीसरे ओवर में ही सलामी बल्लेबाज अर्शीन कुलकर्णी (03) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने कैलम विडलर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दिया।

उनका स्थान देने के लिए उतरे मुशीर खान (33 गेंद पर 22 रन) भी क्रीज पर पर्याप्त समय बिताने के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल पाए। माहलि बीयर्डमैन की गेंद उनके बल्ले का निचला किनारा लेकर विकटों में समा गई।

आदर्श ने छोर संभाले रखा, दूसरी तरफ से विकेट गिरते रहे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमी फाइनल में भारत की जीत के नायक रहे कप्तान उदय सहारन (08) और सचिन धास (09) दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाए, प्रियांशु मोलिया (09) और विकेटकीपर बल्लेबाज अरावेल्ली अवनीश (00) ने भी निराश किया जिससे भारत का स्कोर 6 विकेट पर 91 रन हो गया।

बीयर्डमैन ने आदर्श को विकेट के पीछे कैच करा कर उन्हें अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया और इस तरह से भारत की रही सही उम्मीद समाप्त कर दी। मुरुगन और नमन तिवारी (नाबाद 14) नौवें विकेट के लिए 46 रन जोड़े, इससे हार का अंतर ही कम हो पाया।

इससे पहले लिंबानी ने सलामी बल्लेबाज सैम कोन्स्टास (00) को अंदर आती गेंद पर आउट करके ऑस्ट्रेलिया को शुरू में ही झटका दिया। डिक्सन और वीबगेन ने दूसरे विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी की। डिक्सन ने पारी के दूसरे ओवर में ही बाएं हाथ के तेज गेंदबाज तिवारी पर दो चौके और एक छक्का लगाया।

डिक्सन और वीबगेन जब पारी को अच्छी तरह से आगे बढ़ा रहे थे तब भारतीय कप्तान उदय सहारन ने फिर से तिवारी को गेंद सौंपी और उन्होंने इन दोनों बल्लेबाजों को लगातार ओवरों में आउट करके अपने कप्तान को निराश नहीं किया।

वीबगेन ने तिवारी की गेंद को ड्राइव करने के प्रयास में प्वाइंट पर खड़े मुशीर खान को कैच दिया, अगले ओवर में उन्होंने धीमी गेंद पर डिक्सन को गच्चा देकर अभिषेक मुरूगन के हाथों कैच कराया।

ऑस्ट्रेलिया का स्कोर तक तीन विकेट पर 99 रन था। हरजस और रियान हिक्स (20) ने चौथे विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी की। टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले हरजस ने शुरू में संघर्ष करने के बाद कुछ अच्छे शॉट लगाए।

हरजस ने ऑफ स्पिनर प्रियांशु मोलिया की गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर अपना आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने अभिषेक पर भी दो छक्के लगाए। उन्होंने तिवारी पर लांग आफ में चौका लगाकर टूर्नामेंट का अपना पहला अर्धशतक पूरा किया, इसके बाद वह अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए। बाएं हाथ के स्पिनर सौम्य पांडे ने उन्हें पगबाधा आउट किया।

रैफ मैकमिलन जल्द ही आउट हो गए, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह विकेट पर 187 रन हो गया, ओलिवर पीक और चार्ली एंडरसन (13) ने सातवें विकेट के लिए 34 रन जोड़कर टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया।