बीसीसीआई के केंद्रीय अनुंबध के फैसले को कपिल देव ने सराहा
2023-24 के लिए बीसीसीआई ने भारतीय पुरुष टीम के लिए केंद्रीय अनुबंधों का ऐलान किया। इस बार कई स्टार और अनुभवी प्लेयर्स को बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर करने का फैसला किया। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को केंद्रीय अनुंबध से बाहर करके बोर्ड ने युवा प्लेयर्स को कड़ा संदेश दिया।
बीसीसीआई के इस फैसले को ज्यादातर पूर्व क्रिकेटरों ने सही माना है। पूर्व क्रिकेटरों ने इन दोनों प्लेयर्स की वापसी की उम्मीद जताई है।
दिग्गज भारतीय क्रिकेटर रहे कपिल देव ने बीसीसीआई द्वारा घरेलू क्रिकेट को नजरअंदाज करने वाले क्रिकेटरों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर करने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने इसे रणजी जैसे प्रथम श्रेणी आयोजनों को बचाए रखने की ओर जरूरी कदम बताया।

उन्होंने कहा, ”हां, कुछ प्लेयर्स को दिक्कत होगी, कुछ लोगों को तकलीफ होगी, होने दो देश से बढ़कर कोई नहीं है। अच्छा काम किया। मैं घरेलू क्रिकेट को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए बीसीसीआई को बधाई देता हूं। मुझे ये देखकर दुख होता था जब खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट में पहचान बना लेते थे तो वह घरेलू क्रिकेट से हट जाते थे।
ईशान पिछले साल दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरा छोड़ने के बाद झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने नहीं आए। उन्होंने आईपीएल की तैयारी शुरू कर दी, जिसमें वह मुंबई इंडियंस के लिए खेलेंगे। ईशान के इस फैसले को देखते हुए बोर्ड ने साफ कहा था कि केंद्रीय अनुबंधित प्लेयर्स को टीम से बाहर होने पर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना होगा।
ईशान के साथ श्रेयस अय्यर ने बोर्ड के आदेश की अनदेखी की। जिसके बाद ईशान और श्रेयस को बुधवार को बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया।
रणजी ट्रॉफी में खेलने के बोर्ड के आदेश की अनदेखी करने के बाद ईशान और श्रेयस को बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया। बोर्ड के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कीर्ति आजाद और इरफान पठान जैसे कुछ पूर्व प्लेयर्स ने इस जोड़ी का समर्थन किया।