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दादा ने क्यों कहा, बीसीसीआई अध्यक्ष जय शाह को करनी चाहिए सीधी बात

इन दिनों भारतीय क्रिकेट में दो नाम श्रेयस अय्यर और ईशान किशन काफी सुर्खियों में है। दोनों प्लेयर्स को लेकर बीसीसीआई काफी सख्त रहा है। दोनों प्लेयर्स से बीसीसीआई इतना ज्यादा नाराज हो गया था कि दोनों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

जब से बीसीसीआई ने उनको सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं दी है तब से दोनों प्लेयर्स को लेकर मैदान के बाहर विवाद देखने को मिल रहा है। कई पूर्व प्लेयर ने बीसीसीआई को सलाह दी है। दोनों ने रणजी ट्रॉफी खेलने से साफ मना कर दिया था।

साभार : गूगल

ईशान किशन और श्रेयस अय्यर अलग-अलग बहाने बनाये थे और रणजी से दूरी बना ली थी। बीसीसीआई ने इस पर कड़ा एक्शन लेते हुए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं दी थी। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अय्यर और किशन के संबंध में जय शाह और रोजर बिन्नी को अपनी तरफ से सलाह दी है।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके सौरव गांगुली ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार से खास बातचीत इस मसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईशान किशन की बात करूं तो बीसीसीआई सचिव जय शाह, मौजूदा अध्यक्ष रोजर बिन्नी और सिलेक्टर्स को उनसे सीधे बात करनी चाहिए।

वो काफी समय से रणजी ट्रॉफी और उसके बाद एकदिवसीय क्रिकेट खेलते आ रहे हैं, क्या इससे वो एक बेकार क्रिकेटर बन गए हैं? ऐसा नहीं है। जब दादा से एक सवाल पूछा गया कि उनका श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को बीसीसीआई से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ना मिलने पर क्या विचार है।

इस पर दादा ने कहा कि मेरी नजर में ये शायद पहला मौका है जब किसी खिलाड़ी ने रेड-बॉल डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं खेला है या ऐसा करने से इनकार कर दिया है। वो जब हर तरह से दबावमुक्त थे तब उन सभी ने रणजी ट्रॉफी में मैच खेले हैं। मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई इस मुद्दे पर उचित कार्यवाई करेगी।