अब खेलो इंडिया गेम्स के पदक विजेता प्लेयर्स को भी मिलेगी सरकारी नौकरी , जाने नए दिशा-निर्देश
केंद्र सरकार की नौकरियों में खेलो इंडिया गेम्स की विभिन्न कैटेगरी में पदक विजेता और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को मौका देने के लिए सरकार ने प्लेयर्स की भर्ती और पदोन्नति पर मौजूदा दिशानिर्देशों में बदलाव किया है। ऐसा उन टूर्नामेंटों को शामिल करने के लिए किया गया है जो हाल के समय में महत्वपूर्ण बन गई हैं।
जिन टूर्नामेंटों को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिला है उनमें राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप, भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय खेल तथा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, खेलो इंडिया युवा खेल, खेलो इंडिया शीतकालीन खेल और खेलो इंडिया पैरा खेल हैं।

बता दें कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने तीन अक्टूबर, 2013 को भारत सरकार में प्लेयर्स के लिए भर्ती और पदोन्नति तथा अन्य प्रोत्साहनों के संबंध में निर्देश जारी किए थे। डीओपीटी ने सोमवार को केंद्रीय सरकार की नौकरियों सहित प्रोत्साहनों से मेधावी प्लेयर्स की पहचान के लिए संशोधित मानदंड जारी किए गए हैं।
डीओपीटी ने सोमवार को पात्र उम्मीदवारों की सूची में खेलो इंडिया यूथ गेम्स (18 वर्ष से अधिक आयु), खेलो इंडिया विंटर गेम्स, खेलो इंडिया पैरा गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पदक विजेताओं को शामिल करने का ऐलान किया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को भी नौकरी का अवसर मिलेगा।

नई सूची में, पहले की तरह, ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में राज्य या देश का प्रतिनिधित्व किया है। इनमें जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक विजेता; और निर्देशों में उल्लिखित किसी भी गेम्स या स्पोर्ट्स में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में पदक विजेता हैं।
बताते चले कि, भारत में जमीनी स्तर पर स्पोर्ट्स कल्चर को दोबारा जिंदा करने की मोदी सरकार की पहल के हिस्से के रूप में खेलो इंडिया का आयोजन पहली बार 2018 में हुआ था। सरकारी नौकरियों सहित प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए वरीयता क्रम को संशोधित किया गया है।
इसमें पदक विजेताओं या खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में तीसरे स्थान तक रहने वालों को तीसरी वरीयता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया विंटर गेम्स या खेलो इंडिया पैरा गेम्स में पदक जीतने वाले या तीसरे स्थान पर रहने वालों को चौथी वरीयता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
सरल भाषा में कहें तो जिन उम्मीदवारों ने किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व किया है उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाएगी, इसके बाद वे उम्मीदवार होंगे जिन्होंने खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित सीनियर या जूनियर स्तर की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में या भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय खेलों में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया हो।