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टी-20 लीग में फिक्सिंग का खतरा, इस टीम पर लगा बैन

लंका प्रीमियर लीग के पांचवें सीजन की मेजबानी 1 से 21 जुलाई को बीच होनी है। टूर्नामेंट के आगाज से पहले इस लीग पर स्पॉट फिक्सिंग का खतरा मंडरा रहा है।

बुधवार को दांबुला थंडर्स फ्रेंचाइजी के मालिक इंपीरियल स्पोर्ट्स ग्रुप के सीईओ तमीम रहमान को मैच फिक्सिंग के संदेह में गिरफ्तार किया गया।

साभार : गूगल

खेल मंत्रालय में खेल से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष जांच यूनिट के एक अधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। लीग ने दांबुला थंडर्स को तत्काल प्रभाव से लीग से बाहर करने की घोषणा की है। रहमान के खिलाफ क्या एक्शन लिया जायेगा इसके बारे में जानकारी नहीं है। लंका प्रीमियर लीग की अखंडता और सुचारू संचालन महत्वपूर्ण है।

टीम को लीग से बाहर करने का उद्देश्य लीग के मूल्यों और प्रतिष्ठा को बनाए रखना है। यह सुनिश्चित करना है कि सभी प्रतिभागी आचरण और खेल भावना के उच्चतम मानकों का पालन करें।

लीग के राइट होल्डर और IPG समूह के अध्यक्ष अनिल मोहन ने संदर्भ में कहा, ‘हम पारदर्शिता और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों के लिए प्रतिबद्ध हैं, इस बदलाव के दौरान अपनी सभी टीमों, खिलाड़ियों और प्रशंसकों का समर्थन करना जारी रखेंगे।

बताते चले कि तमीम रहमान लीग की नीलामी के ठीक एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया और उन्हें आगे की जाँच के लिए 31 मई तक हिरासत में रखा जायेगा।

रहमान ने इस साल अप्रैल में दांबुला थंडर्स को खरीदा था। रहमान मैच फिक्सिंग के साथ-साथ सट्टेबाजी से संबंधित आरोपों की जांच के दायरे में हैं। सभी आरोप उनके खिलाफ सिद्ध होते है तो रहमान को 10 साल तक की जेल के अलावा भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

2019 में श्रीलंका दक्षिण एशिया का पहला देश बन गया, जिसने खेलों में मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार को अपराध घोषित किया। हाल के दिनों में श्रीलंकाई अधिकारियों ने क्रिकेट से जुड़े भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं।

श्रीलंका की एक अदालत ने भारतीय नागरिकों योनी पटेल और पी आकाश को अपने पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया, दोनों गैर मान्यता प्राप्त लीजेंड क्रिकेट लीग में एक टीम के मालिक हैं। आरोप है कि 8 मार्च के बीच खेले गए लीग मैच में फिक्सिंग की थी। दोनों जमानत पर हैं।