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IPL : केकेआर तीसरी बार चैंपियन, 8 विकेट की हार से हैदराबाद का सपना टूटा

आईपीएल 2024 के फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर तीसरा खिताब जीता। केकेआर ने 114 रन के लक्ष्य को 11वें ओवर में हासिल किया।

@Associated Press

हैदराबाद 2016 के बाद दूसरा खिताब जीतने से चूक गई। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद को अभिषेक शर्मा (2), ट्रेविस हेड (0) और राहुल त्रिपाठी (9) के रूप में शुरुआती झटके लग गए।

खराब शुरुआत के बाद भी हैदराबाद के विकेटों के गिरने का क्रम जारी रहा और पूरी टीम 113 रन पर सिमट गई। जवाब में केकेआर को 11 रन पर सुनील नरेन के रूप में पहला झटका लगा।

@AFP/Getty Images

वेंकटेश अय्यर (52) और रहमानुल्लाह गुरबाज (39) की पारियों से टीम ने जीत दर्ज की। केकेआर ने लक्ष्य का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की और पॉवरप्ले ओवर्स के बाद 72/1 का स्कोर बनाया। यह आईपीएल फाइनल में किसी भी टीम का पॉवरप्ले ओवर्स का सबसे बड़ा स्कोर है।

हैदराबाद ने सीएसके का पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए फाइनल का सबसे कम स्कोर बनाया है। बता दें कि आईपीएल 2013 के फाइनल में सीएसके मुंबई के खिलाफ 125/9 का स्कोर ही बना सकी थी। इस लिस्ट में तीसरा सबसे कम स्कोर राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (128/6 बनाम मुंबई, आईपीएल 2017) के नाम पर है।

@KKRiders

हैदराबाद आईपीएल के फाइनल में ऑलआउट होने वाली पहली टीम बन गई है। यह हैदराबाद के आईपीएल इतिहास का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे कम स्कोर भी रहा है। हैदराबाद का सबसे कम स्कोर 96 रन है, जो उसने आईपीएल 2009 में मुंबई के खिलाफ बनाया था।

हैदराबाद के निराशाजनक प्रदर्शन के बीच कमिंस ने 24 रन का योगदान दिया। यह आईपीएल के फाइनल में पहला ऐसा उदाहरण है, जिसमें किसी टीम के किसी भी खिलाड़ी ने 30 रन का आंकड़ा भी नहीं छूआ है।

रसेल ने अपने आईपीएल करियर का 13वां और इस सीजन में दूसरा 3 विकेट हॉल लिया। उन्होंने एडेन मार्करम (20) अब्दुल समद (4) और कमिंस (24) को अपना शिकार बनाया। रसेल ने अपने कोटे के 2.3 ओवर में 19 रन खर्च कर ये सफलताएं अर्जित की।

अपने आईपीएल करियर में उन्होंने 127 पारियों में 23.01 की औसत से 115 विकेट चटकाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/15 का रहा है। केकेआर ने 2012 में पहली बार खिताब पर कब्जा जमाया था। इसके बाद 2014 में टीम दूसरी बार विजेता बनी थी।

दिलचस्प रूप से इन दोनों मौकों पर गौतम गंभीर टीम के कप्तान थे और इस सीजन में मेंटोर के रूप में टीम के साथ बने हुए थे। केकेआर से ज्यादा खिताब केवल सीएसके और मुंबई ने जीते हैं। ये दोनों टीमें 5-5 बार इस ट्रॉफी को जीत चुकी हैं।