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नॉर्वे शतरंज: कार्लसन ने प्रज्ञानानंदा को हराया, मुजिचुक के खिलाफ वैशाली की जीत

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा को नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के आठवें दौर के कड़े मुकाबले में शीर्ष वरीय मैग्नस कार्लसन के खिलाफ हार मिली, उनकी बड़ी बहन आर वैशाली ने सातवें दौर के बाद शीर्ष पर चल रही यू्क्रेन की अन्ना मुजिचुक को हराया।

साभार : गूगल

कार्लसन ने अमेरिका के हिकारू नाकामूरा पर एक अंक की बढ़त बनाई, जिन्हें फ्रांस के फिरोजा अलीरेजा के खिलाफ हार मिली। विश्व चैंपियन चीन के डिंग लिरेन का खराब प्रदर्शन जारी रहा और उन्हें अमेरिका के फाबियानो करूआना के खिलाफ हार मिली।

छह खिलाड़ियों के इस डबल राउंड रोबिन टूर्नामेंट में जब दो दौर का खेल बाकी है तब कार्लसन 14.5 अंक के साथ शीर्ष पर हैं। नाकामूरा के 13.5 अंक हैं। प्रज्ञानानंदा 12 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं, अलीरेजा उनसे एक अंक पीछे चौथे स्थान पर हैं।

करूआना नौ अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं, लिरेन 4.5 अंक के साथ अंतिम पायदान पर हैं। महिला वर्ग में चीन की विश्व चैंपियन वेनजुन जू ने स्वीडन की पिया क्रेमलिंग के खिलाफ जीत से 14.5 अंक के साथ बढ़त बनाई। उन्हें वैशाली के खिलाफ मुजिचुक की हार से फायदा मिला।

यूक्रेन की मुजिचुक 13 अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। उनसे 1.5 अंक पीछे वैशाली 11.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से तीसरे पायदान पर हैं। भारत की कोनेरू हंपी को हराने वाली चीन की टिंगजी लेई संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।

हंपी 161000 डॉलर इनामी टूर्नामेंट में आठ अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं, क्रेमलिंग (4.5 अंक) अंतिम पायदान पर हैं। पुरुष वर्ग में तीनों क्लासिकल बाजी ड्रॉ रही जिसके बाद आर्मागेडोन (सडन डेथ) बाजी खेली गई। कार्लसन ने आर्मागेडोन बाजी में प्रज्ञानानंदा को हराया।

आर्मागेडोन बाजी में सफेद मोहरों से खेलने वाले खिलाड़ी को 10, काले मोहरों से खेलने वाले खिलाड़ी को सात अंक मिलते हैं। सफेद मोहरों से खेलने वाले खिलाड़ी को बाजी जीतनी होती है।

क्लासिकल बाजी जीतने पर खिलाड़ी को तीन अंक जबकि आर्मागेडोन बाजी जीतने पर डेढ़ अंक मिलते हैं और हारने पर एक अंक मिलता है। महिला वर्ग में वैशाली ने प्रतियोगिता में दूसरी बार मुजिचुक को हराया। क्लासिकल बाजी ड्रॉ रहने के बाद वैशाली ने आर्मागेडोन बाजी में जीत दर्ज की।

हंपी की वापसी की उम्मीदों को झटका लगा और वह टिंगजी से हार गई। टूर्नामेंट का बेहतर अंत करने के लिए हंपी को अब अंतिम दोनों बाजियां जीतनी होंगी।