सुनील छेत्री के संन्यास के साथ फुटबॉल का सुनहरा युग खत्म
भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। उन्होंने कुवैत के खिलाफ करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला, जो गोलरहित ड्रॉ रहा। छेत्री कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम से हाथ जोड़कर रोते हुए बाहर निकले। यहां दोनों टीमों के खिलाड़ियों उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया।

इस ड्रॉ मैच से FIFA क्वालिफायर में भारत के तीसरे दौर में पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा है। भारत को अगला मुकाबला कतर के खिलाफ खेलना होगा। छेत्री इंटरनेशनल फुटबॉल में भारत के टॉप गोल स्कोरर हैं। वे 19 साल के करियर में 94 गोल कर चुके हैं। वे सबसे ज्यादा गोल करने वाले दुनिया के एक्टिव फुटबॉलर की लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं।
भारतीय कप्तान अपने आखिरी मुकाबले में गोल नहीं कर सके। स्टेडियम छेत्री-छेत्री के नारों से गूंज उठा। मुकाबले के बाद छेत्री की विदाई के वक्त भारत और कुवैत के खिलाड़ियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। भारत के लिए छेत्री के नाम 94 गोल हैं। वो क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी के बाद सबसे ज्यादा इंटरनेशनल गोल करने वाले एक्टिव खिलाड़ी हैं।
पिछले 19 सालों से सुनील छेत्री ने साल 2002 में मोहन बागान के साथ छेत्री ने प्रोफेशनल फुटबॉल करियर की शुरुआत की थी। कोलकाता का सॉल्ट लेक स्टेडियम मोहन बागान का होमग्राउंड है। वर्ल्ड फुटबॉल के ‘स्लीपिंग जायंट्स’ कहे जाने वाले देश की फुटबॉल की उम्मीदों को आगे बढ़ाया है। 150 मैचों में 94 गोल और एक दर्जन ट्रॉफियों के साथ, भारतीय कप्तान भारतीय फुटबॉल के G.O.A.T यानी ग्रेटेस्ट ऑफ ऑलटाइम रहे हैं।
सुनील छेत्री का जन्म 3 अगस्त, 1984 को सिकंदराबाद में हुआ था। उनके पिता केबी छेत्री आर्मी मैन थे, मां सुशीला नेपाल की नेशनल फुटबॉल टीम के लिए खेल चुकी हैं।
छेत्री को 2021 में खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया। इससे पहले उन्हें 2019 में पद्म श्री और 2011 में अर्जुन पुरस्कार मिला था। छेत्री ने अपने शानदार करियर में छह बार AIFF प्लेयर ऑफ द ईयर पुरस्कार जीता।
सुनील छेत्री ने भारत के लिए 2005 में सीनियर टीम में डेब्यू किया था। बाईचुंग भूटिया के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली। उन्होंने भारत के लिए 150 मैचों में 94 गोल किए हैं। छेत्री के पास कुवैत के खिलाफ अच्छी यादें हैं। पिछले साल उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए बेंगलुरु में 2023 SAFF चैंपियनशिप में के फाइनल में कुवैत को पेनाल्टी में 5-4 से हराया था।
कुवैत के खिलाफ ड्रॉ मैच से भारत के तीसरे दौर में पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा है। टीम ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है।
टीम ने 5 मैच में से एक जीत हासिल की है, 2 मुकाबले गंवाए हैं और 2 ड्रॉप रहे। भारतीय टीम के पास अफगानिस्तान के बराबर 5 अंक हैं, बेहतर गोल डिफरेंस से दूसरे स्थान पर है। कतर ड्रॉ के बाद भी 13 अंक के साथ टॉप पर है। टीम ने 5 में से 4 मैच जीते हैं।