एफआईएच प्रो लीग : आठ हार के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम का सफर खत्म
भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग में ग्रेट ब्रिटेन से 2-3 से हार गई जिससे टीम की हार का सिलसिला आठ मैचों तक पहुंच गया।

भारत ने प्रो लीग सत्र का अंत घरेलू टीम के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार के साथ किया। मैच में अधिकतर समय तक अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भारत को अंतिम लम्हों में ग्रेस बाल्डसन (56वें और 58वें मिनट) के दो गोल के कारण हार मिली।
भारत के खिलाफ दो फैसले लिए गए जिसमें एक वीडियो रिव्यू भी है जिससे कोच हरेंद्र सिंह निराश हो गए। बाल्डसन ने शक्तिशाली ड्रैग फ्लिक पर विजयी गोल दागा जो निचले कोने पर लगा।
बाल्डसन ने ओलंपिक के कांस्य पदक के मुकाबले में विजयी गोल करने के तीन साल बाद एक बार फिर भारतीयों का दिल तोड़ दिया। बाल्डसन के गोलों ने भारत को हरेंद्र के मार्गदर्शन में पहला मैच जीतने से भी रोका।
वाटसन चार्लोट ने तीसरे मिनट में गोल करके ब्रिटेन को बढ़त दिलाई जिसके बाद लालरेमसियामी ने 14वें मिनट में मैदानी गोल करके स्कोर 1-1 किया। नवनीत कौर ने 23वें मिनट में भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई।
भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया, हार के सिलसिले को खत्म करने के लिए यह काफी नहीं था। बाल्डसन ने अंतिम लम्हों में दो गोल दागकर मेजबान टीम की जीत सुनिश्चित की।
गोलकीपर सविता पूनिया ने कहा, ‘‘ये वो नतीजे नहीं हैं जो हम चाहते थे। हम आज के नतीजे से निराश हैं। हमने एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी की, हमें अंत में धैर्य रखने की जरूरत थी।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम यहां आए थे तो हमें आक्रामक हॉकी खेलनी थी। बेल्जियम में चार मैचों में हम रक्षात्मक थे। हमने लंदन में ऐसा किया, निश्चित रूप से हमारे डिफेंस को बेहतर बनाने की जरूरत है।