विंबलडन : कार्लोस अल्काराज फाइनल में, इतिहास रचने से एक जीत दूर
कार्लोस अल्काराज ने सेमीफाइनल में दानिल मेदवेदेव को 6-7, 6-3, 6-4, 6-4 से हराकर विंबलडन टेनिस ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह बनाई।

सेंटर कोर्ट पर शुरुआती सेट में औसत प्रदर्शन के बाद उन्होंने स्फूर्ति से वापसी करते हुए आक्रामक खेल दिखाया और मुकाबला जीता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसा लग रहा है कि, मैं नया खिलाड़ी नहीं हूं। मुझे ऐसा लगता है कि मैं जान गया हूं कि फाइनल से पहले मैं कैसा महसूस करूंगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं वही चीजें करने की कोशिश करूंगा जो मैंने पिछले साल की थी और बेहतर करने का प्रयास करूंगा। एटीपी रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी बनने वाले पहले किशोर अल्काराज तीनों तरह के कोर्ट घास, क्ले और हार्ड कोर्ट पर ग्रैंडस्लैम ट्रॉफी जीतने वाले युवा खिलाड़ी हैं।
स्पेन का यह धुरंधर ओपन युग (1968 से शुरू) में 22 साल की उम्र से पहले आल इंग्लैंड क्लब में कई चैंपियनशिप जीतने वाले बोरिस बेकर और ब्योर्न बोर्ग के साथ जुड़ने से केवल एक जीत दूर है। अल्काराज ने 2022 में अमेरिकी ओपन और पिछले महीने फ्रेंच ओपन में जीत दर्ज की।
ग्रैंडस्लैम फाइनल में उनका रिकॉर्ड 3-0 रहा है और खिताब के लिए रविवार को उनका सामना 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविच और लोरेंजो मुसेट्टी के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
एक साल पहले अल्काराज ने विंबलडन के सेमीफाइनल में 2021 अमेरिकी ओपन विजेता मेदवेदेव को सीधे सेटों में हराया था और फाइनल में जोकोविच को पांच सेट में हराकर खिताब जीता था। सेंटर कोर्ट में बादलों से भरी दोपहर में तीसरे वरीय अल्काराज को पांचवें नंबर के खिलाड़ी मेदवेदेव से कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा।
मेदवेदेव अपने करियर के सातवें ग्रैंडस्लैम फाइनल में पहुंचने की कोशिश में जुटे थे, पर ऐसा करने से महरूम रह गये। अल्काराज ने कहा, ‘‘मैंने बहुत ही नर्वस शुरूआत की। वह मैच में दबदबा बनाये था, अच्छा टेनिस खेल रहा था। मेरे लिए मुश्किल था।
मेदवेदेव ने शुरुआत में 5-2 की बढ़त हासिल की। फिर अपने खेल और गुस्से के कारण परेशानी में पड़ गया। अल्काराज ने ड्रॉप शॉट से इसे 5-4 कर दिया। इस शॉट को चेयर अंपायर ईवा असदेराकी ने सही बताया जिसके बाद मेदवेदेव गाली देते हुए दिखे। असदेराकी ने फिर मेदवेदेव को खेल भावना के विपरीत व्यवहार करने के लिए चेतावनी जारी की।
मेदवेदेव ने सेट के टाईब्रेकर में इसे जीता। फिर अल्काराज की बारी थी जिन्होंने फिर सही दिशा में आगे बढ़ते हुए आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने मेदवेदेव की गलतियों का फायदा उठाते हुए अपने कौशल के बूते अगले तीन सेट जीतकर फाइनल में जगह बनायी।