एथलीटों की पहचान कर कौशल निखारेगा कीर्ति प्रोग्राम : खेल मंत्री मनसुख मांडविया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया राइजिंग टैलेंट आईडेंटिफिकेशन (कीर्ति) कार्यक्रम देशभर से प्रतिभाशाली एथलीटों की पहचान कर उनके कौशल को विकसित करेगा।

उन्होंने जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कीर्ति कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देशभर से प्रतिभाशाली एथलीटों की पहचान कर उनके कौशल को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि देश में बौद्धिक क्षमता, जनशक्ति या प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कीर्ति कार्यक्रम के तहत 100 दिनों के भीतर एक लाख उभरते युवा एथलीटों की पहचान करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि कीर्ति कार्यक्रम के तहत गांव और शहर सभी को खेल कौशल को विकसित करने के अवसर दिए जाएंगे, चाहे किसी भी पृष्ठभूमि से हों। उन्होंने कहा एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज की शुरुआत की गयी, जो 2047 तक भारत को ओलंपिक में शीर्ष पांच देशों में शामिल होने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत विविधता और संभावनाओं से भरा हुआ है। देश में कभी भी बौद्धिक क्षमता, जनशक्ति या प्रतिभा की कमी नहीं रही है। न केवल शहरों में, दूर-दराज के क्षेत्रों जैसे पूर्वोत्तर, तटीय, हिमालयी और आदिवासी क्षेत्रों से भी अच्छे खिलाड़ी उभर कर रहे हैं।
कीर्ति का उद्देश्य इन प्रतिभाशाली एथलीटों की पहचान कर उनके कौशल को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमारे जीवन में खेलों के महत्व पर जोर दिया है।
भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के दृष्टिकोण के साथ, सरकार ने प्रतिभाशाली एथलीटों को निखारने में सक्रिय कदम उठाए हैं। हमारे खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अच्छे उपकरणों की जरुरत है और यहीं पर कीर्ति, खेल उत्कृष्टता के लिए अहम कदम साबित हो रही है।