ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भारतीय पुरुष हॉकी टीम की भारत वापसी
पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय हॉकी टीम स्वदेश लौट चुकी है। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ है। टीम इंडिया के खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों पर डांस करते दिखे।

भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में स्पेन को 2-1 से हराया था। दोनों गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किए थे। वे 10 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर भी रहें।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा, “पदक तो पदक होता है और देश के लिए इसे जीतना बड़ी बात है।
हमने फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण जीतने की कोशिश की, दुर्भाग्य से हमारा सपना पूरा नहीं हुआ। हम खाली हाथ नहीं लौटे हैं, लगातार पदक जीतना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। हमें जो प्यार मिला है, वह बहुत बड़ी बात है।
उन्होंने आगे कहा, यह उनके (पीआर श्रीजेश) लिए एक भावुक क्षण था क्योंकि वह अपना आखिरी मैच खेल रहे थे। वे रिटायर हो चुके हैं, वह हमारे साथ रहेंगे।
मैं भारत सरकार, SAI और ओडिशा सरकार को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हमें जो प्यार मिल रहा है, वह हमारी जिम्मेदारी को दोगुना कर देता है, हम जब भी खेलेंगे, देश के लिए पदक लाने की कोशिश करेंगे।
हॉकी इंडिया सेक्रेटरी भोला नाथ सिंह ने कहा, वे (पीआर श्रीजेश) ओलंपिक के क्लोजिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बनने के हकदार थे। भारत सरकार और भारतीय ओलंपिक समिति ने उन्हें यह मौका दिया, हॉकी इंडिया उन्हें धन्यवाद देती है।
यह शानदार जीत थी, लगातार पदक जीतना एक बड़ी उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य फाइनल खेलना था, रेफरी द्वारा अमित रोहिदास को बाहर बैठाने की गलती हमें भारी पड़ी और इसलिए हम यहां ब्रॉन्ज मेडल के साथ हैं, अन्यथा पदक का रंग बदल गया होता।
भारतीय टीम ने ओलंपिक में हॉकी में 13वां मेडल जीता है। यह टीम का चौथा ब्रॉन्ज मेडल है। इससे पहले टीम 8 गोल्ड और एक सिल्वर जीत चुकी है। भारत ने 52 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में हॉकी का ब्रॉन्ज जीता है। भारतीय हॉकी टीम ने 1968 और 1972 के ओलंपिक में लगातार दो मेडल जीते थे।
ओलंपिक का यह ब्रॉन्ज मेडल मैच गोलकीपर श्रीजेश का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला था। उन्होंने ओलंपिक से पहले ही अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था।
श्रीजेश ने ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 11 पेनल्टी कॉर्नर सेव किए थे। यह मैच पेनल्टी शूटआऊट में गया था, इसमें भी उन्होंने 2 शानदार सेव किए थे। इंडियन टीम ने ओलंपिक में लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल जीता है। टोक्यो में इंडिया ने जर्मनी को हराकर ब्रॉन्ज जीता था।
पेरिस ओलंपिक में भारत से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे टूर्नामेंट में 8 मुकाबलों में 10 गोल किए। स्पेन के खिलाफ मुकाबले में भारत के लिए हरमनप्रीत ने 30वें और 34वें मिनट में गोल दागे और दो गोल भारत की जीत के अहम कारण रहे।
नॉकआउट मैचों में कप्तान हरमनप्रीत सिंह का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने चार गोल तीन मैचों में दागे और देश को पेरिस ओलंपिक में चौथा पदक दिलाया।