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ऐसे मिली थी पीआर श्रीजेश को उनकी जीवनसाथी
पेरिस ओलंपिक के बाद राष्ट्रीय टीम से विदा लेने वाले पीआर श्रीजेश की कहानी एक रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ी। दरअसल श्रीजेश जब कन्नूर में स्पोटर्स स्कूल में पढ़ रहे थे जब अनीश्या ने 2001 में उसमें दाखिला लिया।

उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अच्छा छात्र था , टॉपर। सुपरस्टार था और शिक्षकों का फेवरिट। वह आई और मुझसे बेहतर निकली। हर चीज में अच्छे अंक। मुझे 50 में से 35 या 42 नंबर मिलते, उसे 49 और 50।
उन्होंने कहा,‘‘ मुझे उससे नफरत होने लगी। हम दुश्मन बन गए, वह नफरत प्यार में बदल गई। श्रीजेश ने ओलंपिक में एक हॉकी स्टिक पर अनीश्या का नाम लिखा था।
अनीश्या ने कहा था कि श्रीजेश के संन्यास से पत्नी के रूप में उन्हें खुशी है कि, उनका अधिक समय मिलेगा, उनकी प्रशंसक होने के नाते वह दुखी है कि उन्हें मैदान पर नहीं देख सकेंगी।