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बढ़ा संकट, आईबीए के पक्ष में खड़ा हुआ एशियाई संघ

ओलंपिक में मुक्केबाजी का भविष्य पहले ही अधर में लटका है। इस खेल की एशियाई संचालन संस्था ने निलंबित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) के पक्ष में मतदान करके उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

साभार : गूगल

शनिवार को गुप्त मतदान में 21 देशों ने आईबीए के साथ बने रहने के पक्ष में, 14 देशों ने इस खेल के संचालन के लिए गठित की गई नई संस्था वर्ल्ड बॉक्सिंग में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया।

एशियाई मुक्केबाजी परिसंघ (एएसबीसी) का वर्ल्ड बॉक्सिंग में शामिल होने से इनकार करने के इस फैसले के बाद लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले ओलंपिक में मुक्केबाजी को शामिल करने को लेकर परेशानियां बढ़ गई हैं।

वर्ल्ड बॉक्सिंग में 42 सदस्य हैं, निलंबित आईबीए में 100 से अधिक संबद्ध इकाइयां हैं। जहां तक भारत का सवाल है, तो भारतीय मुक्केबाजी महासंघ मई में वर्ल्ड बॉक्सिंग में शामिल होने पर सहमत हो गया था। बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह को विश्वास है कि वर्ल्ड बॉक्सिंग मान्यता प्राप्त करने के लिए 50 सदस्यों की अर्हता इस साल के आखिर तक पूरी कर लेगा।

मतदान के बाद आईबीए ने वर्ल्ड बॉक्सिंग पर निशाना साधा। उसने कहा, वर्ल्ड बॉक्सिंग के पास प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए किसी तरह का वित्त, विशेषज्ञता और समर्थन नहीं है। उनका मुक्केबाजी को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं है।

आईबीए ने उन राष्ट्रीय महासंघों पर निशाना साधा जिन्होंने गुप्त मतदान के दौरान उसके खिलाफ मतदान किया था। उसने बयान में कहा, ऐसे संगठन में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं है जिसका मुक्केबाजी को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं है बल्कि केवल अपने नेतृत्व की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना है।