दलीप ट्रॉफी : शतकीय प्रहार के साथ इशान किशन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में की वापसी
ईशान किशन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक साल से अधिक समय बाद वापसी करते हुए शतक जड़ा, भारत सी ने दलीप ट्रॉफी मैच में भारत बी के खिलाफ पांच विकेट पर 357 रन बनाए।

किशन ने 126 गेंद में 14 चौकों और तीन छक्कों से 111 रन की पारी खेली। भारत सी ने रजत पाटीदार (40) और बी साई सुदर्शन (43) के विकेट गंवाए जिससे उसका स्कोर दो विकेट पर 97 रन हो गया।
किशन ने अपनी फिटनेस साबित की। वह शुरुआत में भारत डी टीम में थे, ग्रोइन की चोट की वजह से टूर्नामेंट के पहले दौर में नहीं खेल पाए। किशन के विकल्प के तौर पर संजू सैमसन को भारत डी टीम में जगह मिली थी, जिसके बाद किशन को सी टीम में जगह मिली।
शुरुआत में भारत सी को झटका लगा जब कप्तान रुतुराज गायकवाड़ दो गेंद का सामना करने के बाद टखने की चोट की वजह से लौटे। गायकवाड़ की फिटनेस को लेकर चिंताएं उस समय दूर हो गईं जब वह किशन के आउट होने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे।
दिन का खेल खत्म होने पर गायकवाड़ 50 गेंद में सात चौकों और दो छक्कों से 46 रन बनाकर खेल रहे थे। मानव सुतार आठ रन बनाकर उनका साथ निभा रहे हैं। दिन किशन के नाम रहा जिन्होंने खेल के लंबे प्रारूप में यादगार वापसी की।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने तमिलनाडु में हाल में खत्म बुची बाबू आमंत्रण टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश के खिलाफ पहले दौर में झारखंड की जीत के दौरान शतक जड़ा था। कोयंबटूर में हुआ यह मैच जुलाई 2023 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट के बाद किशन का लाल गेंद से पहला मुकाबला था।
किशन ने बाबा इंद्रजीत (78 रन, 136 गेंद, नौ चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी करके भारत सी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इंद्रजीत भाग्यशाली रहे जब लंच से पहले नवदीप सैनी की गेंद पर स्लिप में सरफराज खान ने उनका कैच लपक लिया, यह नोबॉल हो गई।
किशन ने भारत बी के गेंदबाजों के खिलाफ रन बटोरना जारी रखा। उन्होंने शरीर के करीब शॉट खेले और स्क्वायर तथा फाइन लेग क्षेत्र में 10 चौके मारे। आर साई किशोर और राहुल चाहर की स्पिन जोड़ी ने पहले दिन कुल मिलाकर 17 ओवर फेंके। किशन ने सैनी पर दो छक्के जड़ने के अलावा मुकेश कुमार पर एक छक्का मारा।
तीन विकेट चटकाकर भारत बी के सबसे सफल गेंदबाज रहे मुकेश (76 रन पर तीन विकेट) ने किशन को बोल्ड करके उनकी पारी का अंत किया। किशन के आउट होने के बाद गायकवाड़ ने रन गति को बरकरार रखा।