Trending

लगातार बारिश के चलते अफगानिस्तान-न्यूजीलैंड टेस्ट रद्द

अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच एकमात्र टेस्ट 5वें दिन रद्द कर दिया गया। बारिश और मैदान गीला होने की वजह से एक गेंद का खेल भी नहीं हो पाया।

@BLACKCAPS

यहां तक की दोनों टीमों के कप्तान टॉस भी नहीं कर पाए। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह 8वीं बार है, जब बिना कोई गेंद डाले मुकाबला रद्द कर दिया गया है। आखिरी बार साल 1998 में ऐसा हुआ था।

बिना एक भी गेंद डाले रद्द हुए टेस्ट मैच

इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, ओल्ड ट्रैफर्ड (1890)
इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, ओल्ड ट्रैफर्ड (1930)
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (1970)
न्यूजीलैंड बनाम पाकिस्तान, कैरिसब्रुक (1989)
वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, बोर्डा (1990)
पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे, इकबाल स्टेडियम (1998)
न्यूजीलैंड बनाम भारत, कैरिसब्रुक (1998)

बता दें कि भारतीय धरती पर ऐसा पहली बार हुआ है। जब बिना गेंद डाले टेस्ट को रद्द कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर ग्रेटर नोएडा के स्टेडियम की काफी आलोचना भी हो रही है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को यह टेस्ट मैच कराने के लिए कानपुर और बेंगलुरू का विकल्प दिया गया था।

बोर्ड ने दिल्ली और काबुल ज्यादा पास होने की वजह से ग्रेटर नोएडा का चुनाव किया। अफगानिस्तान की टीम इस मैदान पर पहले भी खेल चुकी है। उन्हें उम्मीद थी कि इसका फायदा टीम को मिलेगा। बीसीसीआई ने क्यूरेटर की मदद भेजी थी, इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

अफगानिस्तान बोर्ड के एक अधिकारी ने पूरे मामले पर कहा, “बहुत गड़बड़ी है, हम यहां कभी वापस नहीं आएंगे। खिलाड़ी भी यहां की सुविधाओं से नाखुश हैं। हमने संबंधित लोगों से पहले ही बात कर ली थी और स्टेडियम के लोगों ने हमें आश्वासन दिया था कि सुविधाओं के संबंध में सब कुछ ठीक रहेगा।

यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। बता दें कि, ग्रेटर नोएडा स्टेडियम उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के अंतर्गत नहीं आता है।

कामगारों की फौज उतारने के बावजूद पानी को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी किरकिरी भी हुई। बता दें कि न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच पहली बार कोई टेस्ट हो रहा था।

दिलचस्प रूप से पहले दिन बारिश नहीं हुई थी, फिर भी मुकाबला शुरू नहीं हो सका। दरअसल, मैच के शुरू होने के एक दिन पहले बारिश हुई थी और तब से मैदान खेलने योग्य सूख नहीं पाया था।