फिर रेल दुर्घटना की बड़ी साजिश हुई नाकाम, कर्मचारियों की सर्तकता से पर्दाफाश

झारखंड के चाईबासा जिले के सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पत्थर बांधा हुआ पाया गया है, जिससे शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की गई.

झारखंड के चाईबासा जिले के सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पत्थर बांधा हुआ पाया गया है, जिससे शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की गई. हालांकि, रेलवे की पेट्रोलिंग टीम की सतर्कता से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया. 

ट्रेन डिरेल करने की साजिश नाकाम

रेलवे ट्रैक के जॉइंट पॉइंट संख्या 101A और 102B पर पत्थर रखा गया था. इस दौरान जब रेलवे कर्मियों ने ट्रैक की निगरानी की, तो उन्होंने तुरंत इस पत्थर को हटाया, जिससे ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि शरारती तत्वों ने जानबूझकर ऐसा किया था.

रेलवे कर्मियों की सतर्कता

जब रेलवे को इस घटना की जानकारी मिली, तब शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस अप लाइन पर आ रही थी. सूचना मिलने के बाद चक्रधरपुर रेल लूट ने 20 मिनट के लिए ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया. इससे यात्रियों की जान को खतरे में डालने वाली स्थिति टल गई.

दोबारा घटित हुई घटना

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की साजिश का प्रयास किया गया है. बीते हफ्ते में यह दूसरी बार हुआ है जब इसी लोकेशन पर पत्थर रखकर डिरेलिंग की कोशिश की गई. इससे पहले मंगलवार को भी इसी स्थान पर बड़ा पत्थर रखा गया था.

रेलवे प्रशासन की कार्रवाई

इस घटना के बाद, चक्रधरपुर रेल मंडल ने तुरंत आरपीएफ टीम को घटनास्थल पर भेजा और ट्रैक की जांच की. रेलवे ने कहा है कि अब वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्पेशल टीम का गठन करेंगे जो पटरी और जॉइंट पॉइंट की निगरानी करेगी.

आरपीएफ की जांच

आरपीएफ की टीम इस घटना को शरारती तत्वों की करतूत मान रही है. उनकी मंशा ट्रेनों को बेपटरी करना था, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता ने इस बड़ी घटना को टाल दिया. अब रेलवे प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.