सुनीत विलियम्स एक बार फिर रचेंगी इतिहास, अंतरिक्ष से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डालेंगी वोट

सुनीता विलियम्स अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अंतरिक्ष से मतदान कर इतिहास रचेंगी. आईएसएस से इलेक्ट्रॉनिक बैलट द्वारा 5 नवंबर को अपना वोट डालेंगी.
अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होंगे. डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच मुख्य रूप से टक्कर है. इस बीच, धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स एक बार फिर से इतिहास रचने वाली हैं. उन्होंने पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने की इच्छा जाहिर की. सुनीता आईएसएस से ही वोट देकर एक इतिहास रचेंगी.
1997 से वोट डाला जा रहा
विलियम्स वर्तमान में आईएसएस कमांडर के रूप में काम कर रही हैं. धरती की सतह से करीब 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर हैं. वे अंतरिक्ष से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करेंगी. अंतरिक्ष से वोट देना कोई नया नहीं है.
1997 से नासा के एस्ट्रोनॉट्स अपने देश के नेता चुनने के लिए मतदान करते रहे हैं. टेक्सास विधानमंडल ने नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को कक्षा से मतपत्र डालने की अनुमति देने वाला एक विधेयक पारित किया था.
अब नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता भी अंतरिक्ष से मतदान करने वाले समूह में शामिल होंगी. बता दें, मीर स्पेस सेंटर पर डेविड वुल्फ ने वोट दिया था. हाल ही में 2020 के चुनावों के वक्त केट रूबिन्स ने आईएसए से मतदान किया था.
ऐसे डालेंगी अपना वोट
अपना वोट डालने के लिए विलियम्स उस प्रक्रिया का पालन करेंगी, जिसका उपयोग अमेरिकी नागरिक विदेश से मतदान देते हैं. ऑर्बिटिंग लैबोरेट्री से स्पेस सेंटर में बैठे अंतरिक्ष यात्री इलेक्ट्रॉनिक बैलट की मदद से वोट देते हैं. वोट डालने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मतपत्रों को वापस धरती पर भेजा जाता है. बता दें, अमेरिका में पांच नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होना है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन की ओर से मैदान में हैं. जबकि, उप राष्ट्रपति कमला हैरिस डेमोक्रेट्स की ओर से चुनावी दौड़ में शामिल हैं.