धैर्य-संयम मतलब भाजपा

स्थापना दिवस पर विशेष

भाजपा की सफलता का मंत्र- धैर्य-संयम

भाजपा देश की एक ऐसी पार्टी है जिसे सबसे अधिक पराजय मिली। जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक के सफर में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बहुसंख्यक हिन्दु समाज में हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद की विचारधारा के पहियों से आगे बढ़ने वाली भाजपा की गाड़ी की हर राह पर दशक दर दशक स्पीड ब्रेकर लगे रहे। देश की आजादी के बाद लोकतांत्रिक भारत में करीब पचास साल तक कांग्रेस ने जनसंघ/भाजपा को निरंतर परास्त किया। कोई और दल होता तो शायद टूट कर बिखर जाता, हताशा-निराशा इसे खत्म कर देती। ये सच भी है कि बार-बार परास्त होने वाली बड़ी-से बड़ी ताकत भी पस्त होकर खत्म हो जाती है। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा वाला ये राजनीति दल फौलादी निकला, पराजय की हर हार की अग्नि ने इसमें धार पैदा कर दी। राष्ट्रवाद,अनुशासन, समर्पण, सादगी, संघर्ष, रणनीति,कौशल, धैर्य और संयम की ताकत सत्ता लोभ, ग्लेमर, दिखावे, ताज-ओ-तख्त की मोहताज नहीं होती। भाजपा हारती रही लेकिन अपने लक्ष्य के रास्ते पर चलने की गति को ज़रा भी कमजोर नहीं होने दिया।

May be an image of 6 people and people standing


निरंतर देश की सत्ता पर काबिज इधर कांग्रेस का कोई मजबूत विकल्प दशकों तक नहीं बन सका। किंतु बीच में जब लोग परिवारवाद के आरोपो़ से घिरी कांग्रेस से कुछ ऊब सा गए तक गठबंधन की सरकार के शुरुआती दौर में भाजपा सत्ता के करीब पंहुची।
अयोध्या प्रकरण को लेकर राम मंदिर आंदोलन ने हिन्दु समाज को एकजुट किया और बहुसंख्यक वर्ग का विश्वास भाजपा की तरफ बढ़ा। यूपी की तत्तकालीन मुलायम सिंह सरकार में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलने से आहत हिन्दू समाज अपनी राजनीतिक ताकत को ढूंढता हुआ भाजपा से मजबूती से जुड़ने लगा। ये भाजपा का अटल बिहारी वाजपेई वाला दौर था। अटल जी प्रधानमंत्री बनें और एक वक्त ऐसा भी आया जब एक वोट से उनकी सरकार गिरा दी गई। तब भाजपा ने संकल्प लिया था कि हिंदूवादी, राष्ट्रवादी और विकासवादी अटल सरकार गिराने वाली पार्टियों को एक दिन भुगतना पड़ेगा। और ऐसे दलों को देश की जनता एक-एक सीट के लिए तरसा देगी।
वक्त बदल रहा था और कांग्रेस पर से जनता का विश्वास दिन पर दिन धुंधला पड़ता जा रहा था। भ्रष्टाचार चरम पर था, निर्भया गैंग रेप जैसी घटनाओं से जनता आंदोलित हो रही थी। इस दौरान हिन्दू समाज आतंकवाद का भुक्तभोगी बनता जा रहा था। आतंकवाद को लेकर भय और गुस्सा था, इस बीच कांग्रेस सरकार के ओहदेदारों ने अपनी पार्टी के कोढ़ में खाज पैदा कर दिया। कांग्रेस सरकार ने जब हिन्दू आतंकवाद का जुमला गढ़ा तो कांग्रेस पर हिंदुओं का रहा सहा विश्वास भी खत्म हो गया। भाजपा की प्रतिज्ञा सत्य होने लगी। वही यूपी जो कांग्रेस का आधार था वहां कांग्रेस एक-एक सीट को तरस गई और भाजपा के एक योगी पर जनता का इतना विश्वास बढ़ा कि पौने चार दशक का रिकार्ड तोड़कर यूपी की जनता ने योगी आदित्यनाथ को प्रचंड बहुमत से दोबारी सत्ता की बागडोर सौंप दी।
भाजपा को स्थापना दिवस की बधाई-शुभकामंआएं।