अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी : पार्थवी, वंशिका, हेमंत के स्वर्णिम पंच से भारत का दबदबा
भारतीय युवा मुक्केबाजों ने रिंग में दमदार प्रदर्शन करते हुए पहली अंडर-19 विश्व चैंपियनशिप में अपना वर्चस्व साबित कर दिया। पार्थवी ग्रेवाल, वंशिका गोस्वामी और हेमंत सांगवान ने कोलोराडो (अमेरिका) में विश्व मुक्केबाजी द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीते, जिससे भारत के 19 में से 17 मुक्केबाजों ने पदक के साथ अपना शानदार अभियान खत्म किया।
भारत की महिला मुक्केबाजों ने 10 पदक के साथ पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन किया। पार्थवी ने महिलाओं के 65 किग्रा फाइनल में नीदरलैंड्स की आलिया होपेमा पर 5-0 से जीत हासिल की जबकि वंशिका ने महिलाओं की 80 किग्रा वर्ग में जर्मनी की विक्टोरिया गैट को महज एक मिनट और 37 मिनट में हराया।

भारतीय मुक्केबाजों ने कुल चार स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य पदक जीते। तीन स्वर्ण महिलाओं के खाते में जाने के अलावा हेमंत ने 90 किग्रा वर्ग में अमेरिका के रिशोन सिम्स पर 4-1 के विभाजित निर्णय से जीत दर्ज करके पुरुष वर्ग में भारत का एकमात्र स्वर्ण पदक जीता।
निशा (51 किग्रा), सुप्रिया देवी थोकचोम (54 किग्रा) और कृतिका वासन (80 किग्रा) को अपने-अपने फाइनल में हार के बाद रजत पदक जीता। भारत के लिए पदक जीतने वाले मुक्केबाजों में 11 खेलों इंडिया से जुड़े खिलाड़ी हैं जबकि इसमें से आठ साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के प्रशिक्षु हैं।
स्वर्ण : कृषा वर्मा (महिला, 75 किग्रा), पार्थवी ग्रेवाल (महिला, 65 किग्रा), वंशिका गोस्वामी (महिला, 80 से अधिक किग्रा), हेमंत सांगवान (पुरुष 90 किग्रा)
रजत : निशा (महिला, 51 किग्रा), सुप्रिया देवी थोकचोम (महिला, 54 किग्रा), कृतिका वासन (महिला, 80 किग्रा), चंचल चौधरी (महिला, 48 किग्रा), अंजलि सिंह (महिला, 57 किग्रा), विनी (महिला, 60 किग्रा), आकांक्षा फलसवाल (महिला, 70 किग्रा), राहुल कुंडू (पुरुष, 75 किग्रा)
कांस्य : ऋषि सिंह (पुरुष 50 किग्रा), कृष पाल (पुरुष 55 किग्रा), सुमित (पुरुष 70 किग्रा), आर्यन (पुरुष 85 किग्रा), लक्ष्य राठी (पुरुष 90 से अधिक किग्रा)